15 February 2019



राष्ट्रीय
उद्धव ने राज ठाकरे की ओर बढ़ाया हाथ
30-01-2013
क्या बाल ठाकरे की मौत के बाद दो बिछड़े भाई वापस साथ आएंगे? शिवसेना नेताओं और मनसे के नेताओं के बीच तो अक्सर तीखी बयानबाजी होती रहती है। लेकिन पहली बार शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने संकेत दिए हैं कि अगर राज ठाकरे दिल से उनसे हाथ मिलाना चाहें तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इस बयान से तो ऐसा ही लग रहा है कि सियासत में अलग-अलग राह चुनने वाले उद्धव और राज ठाकरे साथ हो जाएंगे। शिवसेना के मुखपत्र सामना में आज जो कुछ भी कहा है उससे साफ है कि राज अगर चाहें तो उन्हें हाथ मिलाने में कोई हिचक नही। उद्धव ठाकरे ने कहा है कि अगर कोई दिल से हमारे पास आता है तो मैं उसका स्वागत करूंगा। जब उद्धव से पूछा गया कि क्या कभी एमएनएस और शिवसेना साथ आ सकती है? इसके जवाब में उद्ध ने कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती। मतलब साफ है कि अगर राज पहल करें तो दोनों के साथ आने की संभावनाओं के दरवाजे खुले हैं। इसी सवाल को जब दोबारा पूछा गया कि क्या वो साथ आएंगे तो उद्धव ने कहा कि आप सिर्फ मुझसे ये सवाल कैसे कर सकते? मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं लेकिन आपको हम दोनों को साथ बिठाकर ये सवाल करना चाहिए। ये दोनों पक्षों पर निर्भर करता है।