18 February 2019



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शैक्षणिक भ्रमण के लिए करारनामा शीघ्र
31-01-2013

प्रदेश में अध्ययनरत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 48 हजार बालिकाओं को दर्शनीय ऐतिहासिक, प्राकृतिक और औद्योगिक महत्व के स्थानों के भ्रमण की योजना पर शीघ्र क्रियान्वयन होगा। यह जानकारी आज यहां मध्यप्रदेश सर्व शिक्षा अभियान मिशन की कार्यकारिणी समिति की बैठक में दी गई। मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम ने बैठक की अध्यक्षता की। बालिकाओं को खोज यात्रा एवं शैक्षणिक भ्रमण का लाभ दिलवाने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम और राज्य शिक्षा केंद्र शीघ्र ही करारनामा करेंगे। इसके बाद भ्रमण की जिलावार रुपरेखा तैयार की जाएगी। प्रदेश में 207 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय और 309 बालिका छात्रावास संचालित हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि बालिकाओं को इंदिरा सागर बाँध सहित प्रगति के प्रतीक-स्थलों का भ्रमण करवाया जाए। भ्रमण के लिए उसी जिले के स्थानों के स्थान पर अन्य जिलों के महत्वपूर्ण स्थानों का चयन किया जाए।

शिक्षकों की उपस्थिति

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित पद्धतियों का प्रयोग किया जाए। इससे प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

साक्षरता वृद्वि के प्रयास बढ़ाये

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी बहुल जिलों में साक्षरता प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास बढ़ाये। प्राथमिक विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के साथ ही विद्यार्थियों की शाला त्यागने की प्रवृत्ति में सुधार के प्रयास भी किये जाये। प्रदेश में शिक्षा से पलायन करने वाले 6351 बच्चों के लिए छात्रावास व्यवस्था की गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि वे शीघ्र ही अलीराजपुर, झाबुआ और डिंडौरी जिलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्थाओं के लिए पृथक बैठक लेंगे। बैठक में जानकारी दी गई कि गत दस वर्ष में प्रदेश की साक्षरता दर 63.74 से बढ़कर 70.63 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश में पुरुष साक्षरता प्रतिशत 80.53 और महिला साक्षरता प्रतिशत 60.02 प्रतिशत है।

अधोसंरचनात्मक कार्यों की समीक्षा

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पेयजल, बाउंड्री वॉल, रसोई, खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएँ विकसित की गई हैं। कुछ स्थानों पर हेंडपम्प स्थापना सफल न होने पर वहाँ हेंडपम्प सुधार या नए पेयजल स्त्रोतों की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में जानकारी दी गई कि विद्यालय परिसर में स्थानाभाव की स्थिति में पृथक खेल मैदान विद्यालय के लिए निर्धारित किए गए हैं और विद्यार्थी खेल गतिविधियों में नियमित रूप से हिस्सा ले रहे हैं। एक लाख विद्यालयों में पुस्तकालय की पहल भी हुई है।

बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय कुमार सिंह, प्रमुख सचिव अनुसूचित जनजाति कल्याण श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री बी.आर. नायडू, आयुक्त लोक शिक्षण श्री अरुण कोचर, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री एस.के. मिश्रा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री राजेश राजौरा, सचिव पाठ्य पुस्तक निगम एवं सचिव समन्वय, मुख्य सचिव कार्यालय श्री सतीश मिश्र, राज्य शिक्षा केंद्र आयुक्त एवं मिशन की कार्यकारिणी समिति की सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी उपस्थित थीं।