21 February 2019



प्रादेशिक
बुंदेलखंड पैकेज पर उठे सवाल
31-01-2013
बुंदेलखंड को हरा-भरा बनाने के लिए लागू किए गए चार हजार करोड़ रुपए का विशेष पैकेज गड़बड़ियों की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। स्टॉप डेम, पेयजल व्यवस्था के लिए जगह चयन के पहले एकमुश्त पाईप खरीदी के बाद अब पन्ना में वन विभाग के कामों को लेकर उंगलियां उठ रही हैं। केंद्रीय योजना आयोग ने इसको लेकर हुई शिकायत की पड़ताल के बाद सैकड़ों पेजों का पुलिंदा राज्य योजना आयोग को भेजा है। इसमें गड़बड़ियों के काफी सबूत दिए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसी जांच कराने का सैद्धांतिक निर्णय कर लिया गया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक पन्ना के वन क्षेत्र में काम करने के लिए वन विभाग को पैकेज के तहत 12 करोड़ रपए मुहैया कराए गए थे। इस रकम से जिन कामों को अंजाम दिया गया उनको लेकर स्थानीय स्तर पर काफी शिकवा-शिकायतें हुई थीं। इसकी जांच करने पर कुछ शिकायतों को सही पाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूटर के नंबरों को ट्रेक्टर बताकर ढुलाई और पानी रोकने के लिए बनाई गई संरचना में गड़बड़ियों की बात सामने आई है। इसके आधार पर केन्द्रीय आयोग ने बिल, बाउचर के अलावा कई दस्तावेजी सबूतों सहित शिकायतों का पुलिंदा राज्य योजना आयोग को भेजा है। पहली नजर में ही मामला गंभीर लगने पर आयोग ने इसकी जांच कराकर प्रतिवेदन बुलाने का सैद्धांतिक निर्णय कर लिया है। इसके लिए वन विभाग के प्रमुख सचिव से जवाब तलब किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी पैकेज के कामों की गुणवत्ता को लेकर उंगली उठाई जा चुकी है। आयोग की टीम आएगी छतरपुर दूसरी ओर केन्द्रीय योजना आयोग की टीम दो फरवरी को छतरपुर में पैकेज के कामों को देखने के लिए आ रही है। टीम में आयोग के सदस्य अभिजीत सेन, विशेषज्ञ डॉ.केएस रामचन्द्रा और राष्ट्रीय सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जेएस सामरा शामिल हैं। टीम सिंचाई परियोजना, डग वेल, वॉटर लिफ्टिंग डिवाइस को देखने के साथ हितग्राहियों से सीधी बात करेंगे। इसी तरह तीन फरवरी को दल कुटनी बांध, बरियारपुर चेनल सिस्टम को देखेगा। नहर से जुड़े किसानों से बात भी की जाएगी। दल चार तारीख को दिल्ली वापस लौटेगा।