16 February 2019



राष्ट्रीय
'..तो जयललिता के ऑफिस के सामने जला दूंगा विश्वरूपम'
31-01-2013
अपनी नई फिल्म \'विश्वरूपम\' को लेकर विवाद और उस पर तमिलनाडु सरकार के बैन से दुखी दक्षिण के सुपर स्टार कमल हासन ने इस पूरे प्रकरण को \'क्रिएटिव अबॉर्सन\' करार देते हुए कहा कि लग रहा है वे मेरे बच्चे को जन्म लेने से पहले ही मार देना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि वे (तमिलनाडु सरकार) तब तक आराम से नहीं बैठेंगे जब तक फिल्म को खत्म न कर दें और मुझे वित्तीय रूप से बर्बाद न कर दें। मैं वित्तीय बर्बादी का सामना करने के लिए तैयार हूं, लेकिन दबाव में झुकूंगा नहीं। हासन ने कहा कि वे मुझे आर्थिक रूप से तोड़ सकते हैं लेकिन मेरी आत्मा को नहीं तोड़ सकते हैं। हासन ने कहा कि वह फिल्म के तमिल वर्जन के प्रिंट को मुख्यमंत्री जयललिता के कार्यालय के सामने जलाएंगे। इस पूरे मुद्दे पर मिड डे से बातचीत में हासन ने क्या कहा, आइए जानते हैं :-

-तमिलनाडु सरकार आपको क्यों पीड़ा पहुंचा रही है? आप तो प्रतिष्ठित अभिनेता है जिसने देश और राज्य का नाम रौशन किया है?

वे ऐसा नहीं सोचते। उन्हें लगता है मैंने कई विवादास्पद फिल्में बनाई हैं और मुझे वश में करने के लिए वे मुझे घुटने के बल लाना चाहते हैं। आज मुझ पर इस्लामविरोधी होने का आरोप लगाया जा रहा है, क्योंकि मेरी फिल्म में आतंकियों की अल कायदा से निष्ठा दिखाई गई है। वे शायद यह भूल रहे हैं कि \'हिंदू आतंकवाद\' पर भी मैंने \'हे राम\' जैसी फिल्म बनाई है। वो शायद यह भी भूल गए कि मैं ही पहला कलाकार हूं जिसने बाबरी मस्जिद के गिराए जाने की आलोचना की थी। मैं मुस्लिम समुदाय का दोस्त हूं। यहां तक कि मेरे सरनेम के कारण एक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गलतफहमी भी पैदा हो गई थी।

-विश्वरूपम में इस्लामिक आतंकवाद दिखाकर आपने क्यों इस्लामविरोधी होने का आरोप मोल ले लिया। जबकि भारतीय मुस्लिमों को पहचान की संकट को आतंकवाद से जोड़ते हुए हिंदी में ब्लैक एंड व्हाइट, कुर्बान जैसी कई अच्छी फिल्में बनी हैं।

इन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं है कि मेरी फिल्म एक आतंकी भारतीय है। सभी आतंकी गतिविधियां अफगानिस्तान के इर्द-गिर्द दिखाई गई हैं। हां, कुछ मुस्लिम भाइयों को अल कायदा को लेकर दिखाए गए संदर्भ से आपत्ति है, तो मैं उसे हटाने को तैयार हूं।

-अल कायदा को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने पर क्यों आपत्ति उठी?

फिल्म में तर्कशक्ति के जरिये बुराई ढूंढी जा रही है। कोर्ट का फैसला आने के बाद मैंने मुख्यमंत्री जयललिता से मिलकर अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मामला कोर्ट में होने का हवाला देकर मिलने से इन्कार कर दिया। उन्होंने मुझे गृहमंत्री से मिलने की सलाह दी। मैं उनसे मिला, उन्होंने भी यही बात कही। जब कोई कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है तो मैं क्या करूं।

यह मुद्दा फिल्म रिलीज से आगे बढ़ गया है?

दुनिया देख रही है। मुझे लगता है मुद्दा मेरी फिल्म से दूर चला गया है। मैं परिणामों का सामना करने के लिए तैयार हूं। मैं विश्वरूपम के तमिल वर्जन के प्रिंट को सरकारी कार्यालय के सामने जला दूंगा। वे मेरे \'बच्चे\' का \'गर्भपात\' कराना चाहते हैं। ऐसा लग रहा है जैसे वह मेरे बच्चे को जन्म से पहले मौत की नींद सुला देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए मैं फासीवाद के आगे नहीं झुकूंगा। यह मुझे आर्थिक रूप से बर्बाद करने की साजिश है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मैं इसके बाद कोई और फिल्म न बनाऊं और यह मेरे लिए मौत से भी बदतर स्थिति होगी। लेकिन मैं समझता हूं कि यह मुझ पर तार्किक व बौद्धिक हमला है और मैं उसका जवाब उसी से दूंगा।