21 February 2019



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स्वस्थ शरीर से होता है स्वस्थ समाज का निर्माण
02-02-2013

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन निवास करता है, जो संस्कारों के साथ समाज के नवनिर्माण में बेहतर योगदान करता है। श्री चौहान आज उज्जैन में स्वामी सत्यमित्रानंदजी की उपस्थिति में श्री अच्युतानंद गुरू अखाड़े में गुरू काशीनाथ डकारे की मूर्ति का अनावरण कर रहे थे। समारोह में संस्कृति एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा, खाद्य मंत्री श्री पारस जैन, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्री मनोहर ऊँटवाल, सांसद श्री रघुनन्दन शर्मा, पूर्व सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया और श्री माखनसिंह चौहान भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने गुरू अखाड़े में प्रतिमा अनावरण के बाद श्री सत्यमित्रानन्दजी गुरूदेव का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। गुरूदेव ने  मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर भारत माता मन्दिर के संस्थापक गुरूदेव सत्यमित्रानन्दजी ने कहा कि हमारे देश की सांस्कृतिक परम्परा ने ही अखाड़ों की संस्कृति को पैदा किया है, ये परम्पराएं वैदिक काल से निरन्तर जारी हैं। श्रीकृष्ण ने सांदीपनी आश्रम में शिक्षा ग्रहण की और यहीं से अखाड़ों की संस्कृति का भी समाज में अनावरण हुआ। सर्वप्रथम श्री कृष्ण द्वारा कंस का वध मल्ल युद्ध में ही किया गया था और इसी से कृष्ण ने मल्लयुद्ध का ज्ञान पूरे विश्व को दिया।

श्री सत्यमित्रानन्दजी ने कहा कि अच्छे कार्य करने वालों की समाज में सदैव प्रशंसा होती रहती है। कोई शत्रु देश हमें यदि गलत निगाह से देखे तो हम उन्हें ऐसा जवाब दें कि वह भविष्य में ऐसा न कर सकें। इसके लिये समाज के प्रत्येक युवा को उठ खड़े होना होगा और देश के लिये अपने आपको समर्पित करना होगा। इसके पूर्व अतिथियों ने गुरूवर श्री काशीनाथ डकारे द्वारा प्रारंभ की गई साधना, व्यायाम, मलखम्ब आदि विषयों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गुरूदेव के पुष्पवचन हम लोगों के लिये मोक्ष के समान हैं। अखाड़ों के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि समाज में संस्कारों के निर्माण और नैतिकता विकसित करने में बहुत योगदान रहा है। युवाओं में देश प्रेम, सदविचार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का बोध हो, इसके लिये माँ तुझे सलाम योजना प्रारम्भ की गई है। योजना का उद्देश्य युवाओं को सीमाओं पर भेजकर देश-भक्ति के विचारों से ओत-प्रोत करना है, जिससे युवा देश के लिये कर्म, वचन, संस्कारों के साथ समाज में बेहतर योगदान दे सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में माँ नर्मदा के जल के माँ क्षिप्रा में आने से नये आयामों का शुभारंभ होगा तथा सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को माँ नर्मदा के पावन जल से स्नान का लाभ मिलेगा। ऐसे कार्यो के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित हैं, समय-सीमा में इन कार्यों को पूरा कराया जायेगा।