21 February 2019



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संकल्प पूर्ति के लिए कार्यों की करें नियमित निगरानी
04-02-2013

मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम ने संकल्प के बिंदुओं पर समीक्षा के दूसरे दौर में आज 10 विभाग खाद्य, सहकारिता, किसान-कल्याण, मत्स्य-पालन, वन, राजस्व, ग्रामोद्योग, नर्मदा घाटी विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास और उद्योग एवं वाणिज्य द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने दो फरवरी को समीक्षा का यह क्रम प्रारंभ किया था। तृतीय दौर में 6 फरवरी को विभागों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। मुख्य सचिव ने संकल्प के बिंदुओं की पूर्ति के लिए समयबद्ध कार्यक्रम के तहत नियमित रूप से निगरानी करते हुए लक्ष्य हासिल करने को कहा है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, उसका स्पष्ट कारण विभागों द्वारा रेखांकित किया जाए। इस माह की संकल्प समीक्षा के पश्चात अगस्त माह में विभागों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की जाएगी।

मुख्य सचिव ने आज की समीक्षा बैठक में प्रदेश को लाजिस्टिक हब बनाए जाने के संकल्प की पूर्ति के लिए किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने औद्योगिक कॉरिडोर के योजनाबद्ध विकास के लिए माइलस्टोन तय कर विभागों के समन्वय से कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। वर्तमान में उद्योग विभाग द्वारा प्रदेश के चार स्थान पीथमपुर, पवारखेड़ा, कटनी एवं मंडीदीप में इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन द्वारा प्रदेश के छ स्थान जबलपुर, बुरहानपुर, रतलाम, बीना, कटनी और देवास में वेयरहाउस सुविधा बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2010 में अनाज भंडारण के लिए 29 लाख मी. टन भंडारण क्षमता थी जो बढ़कर दुगनी 59 लाख मी. टन हो गई है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस क्षमता में और वृद्धि आवश्यक है क्योंकि प्रदेश में किसानों को अधिक समर्थन मूल्य दिए जाने से आगामी रबी सीजन में गेहूँ के अधिक भंडारण की जरूरत होगी।

मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग द्वारा अभी से गेहूँ के उपार्जन, भंडारण एवं विपणन की सभी तैयारियाँ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के और बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में प्रयोग के तौर पर स्व-सहायता समूहों और पंचायतों का सहयोग लेने पर कार्य हो। उन्होंने बड़ी आबादी वाले ग्रामों में वर्तमान जनसंख्या के मान से उचित मूल्य की दुकानें प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग द्वारा स्वाइल हेल्थ कार्ड बनाने के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने की हिदायत दी। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 19 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लक्ष्य पर भी कार्य हो रहा है। अब तक 17 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। बैठक में वन विभाग को वन आधारित रोजगारों को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रभावी उपाय लागू करने के कार्य की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। ग्रामोद्योग विभाग से समन्वय करते हुए हितग्राहियों को लाभ पहुँचाने और गत तीन वर्ष में किए गए कार्यों का पूरा ब्यौरा देने को कहा गया। वन विभाग द्वारा लाख, रेशम और टसर के क्षेत्र में ग्रामीणों को आजीविका देने के कार्यों की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव ने मछुआरों की पुनर्वास नीति के बिंदुओं को समग्र पुनर्वास नीति में शामिल करने और राजस्व विभाग को नोडल विभाग की भूमिका निभाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्योग श्री प्रसन्न कुमार दाश, अपर मुख्य सचिव पंचायत ग्रामीण विकास श्रीमती अरुणा शर्मा एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।