19 February 2019



राष्ट्रीय
वंदे मातरम पर अब तक नहीं बने नियम
06-02-2013
सरकार ने माना है कि राष्ट्रगान \'जन गण मन\' और राष्ट्रगीत \'वंदे मातरम\' को एक समान संवैधानिक दर्जा हासिल हैं। किन्तु वंदे मातरम के लिए उस तरह के नियम नहीं बनाए गए हैं, जैसे कि जन गण मन के लिए मौजूद हैं। राष्ट्रगान के संबंध में प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इनमें बताया गया है कि राष्ट्रगान को कब और कैसे गाना है। सूचना का अधिकार कानून के तहत उद्योगपति गौतम मोरारका की तरफ से मांगी गई सूचनाओं के जवाब में गृह मंत्रालय की निदेशक और केंद्रीय जन सूचना अधिकारी श्यामला मोहन ने वंदे मातरम के बारे में स्पष्ट निर्देश न होने की बात मानी है। इससे सिद्ध होता है कि जन गण मन और वंदे मातरम को समान दर्जा दिए जाने संबंधी बात केवल कागजों तक सीमित है जबकि व्यावहारिकता में स्थिति कुछ और है। जवाब से असंतुष्ट मोरारका ने एक अन्य आरटीआई अर्जी के माध्यम से पूछा कि यदि दोनों का संवैधानिक दर्जा समान है तो फिर वंदे मातरम को सार्वजनिक समारोहों, टेलीविजन कार्यक्रमों आदि में बजाए जाने के बारे में उस तरह के स्पष्ट नियम और निर्देश क्यों नहीं हैं, जैसे \'जन गण मन\' के लिए हैं। मंत्रालय ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि भारत सरकार ने वंदे मातरम के गायन या वादन की परिस्थितियों के बारे में किसी तरह के निर्देश जारी नहीं किए हैं। मोरारका ने मांग की है कि यदि सरकार की नजर में दोनों गीतों का दर्जा वास्तव में समान है तो राष्ट्रगीत को गाए जाने के बारे में भी स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं। अन्यथा समानता का प्रावधान महज औपचारिक बनकर रह जाएगा।