16 February 2019



राष्ट्रीय
रेप के मामले में कांग्रेस सांसद महाबल के खिलाफ सम्मन जारी
08-02-2013
 नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस सांसद महाबल मिश्रा व उनके परिजनों के खिलाफ फिर से सम्मन जारी किए हैं। सात साल पहले 2006 में 16 साल की एक लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे महाबल मिश्रा से जुड़े एक शख्स ने अगवा कर उसके साथ रेप किया है। इस संबंध में कोर्ट ने सांसद महाबल मिश्रा, उनकी पत्नी, उनकी बेटी और भाई को सम्मन जारी कर कोर्ट में पेश होने को कहा है। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि इन लोगों ने उसे सांसद के घर पर कैद करके उसे रेप के आरोपी से शादी करने के लिए मजबूर किया। इस मामले को पहले निचली अदालत ने खारिज कर दिया था, लेकिन पिछले साल फरवरी में दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत को मामला शुरू करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता के पिता की ओर से दायर याचिका को स्वीकार कर लिया था। पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि इस मामले में सासद महाबल मिश्रा, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटी किरन, भाई हीरा मिश्रा व एक सहयोगी काशीराम को सम्मन जारी किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति एमएल मेहता ने इस मामले को फिर से निचली अदालत के पास भेजते हुए कहा है कि वह अर्जी पर फिर से विचार करें। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के 2008 व 2010 के उन आदेशों को भी रद कर दिया, जिसमें पीड़ित के पिता की याचिका खारिज कर दी गई थी। निचली अदालत का कहना था कि इनके खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि दंडाधिकारी व सेशन कोर्ट ने अपने आदेश में जो टिप्पणी की है, वह मामले के सबूतों के आधार पर नहीं थी। हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़ित द्वारा सीआरपीसी की धारा 161 व 164 के तहत दिए गए बयान से प्रथमदृष्टया इनकी संलिप्तता का पता चलता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर यह नहीं देखा जाता है कि पीड़ित का बयान इन सभी आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त होगा या नहीं। हाईकोर्ट ने कहा कि कानून का दुरुपयोग हुआ है, इस कारण अदालत के समक्ष यह मामला आया है। याचिकाकर्ता के अनुसार उसकी बेटी को अपहृत कर मिश्रा के महावीर एंक्लेव स्थित कार्यालय में रखा गया। इसके बाद कुछ समय के लिए उनके भाई के घर भी रखा गया। महाबल के परिजनों ने ही उसकी बेटी से कहा कि वह मामले के मुख्य आरोपी प्रदीप सहरावत से शादी कर लें। प्रदीप के खिलाफ रेप का मामला चल रहा है। पुलिस ने पहले आरोप पत्र में प्रदीप व उसके चार सहयोगियों को आरोपी बनाया था। पीड़िता के बयान के बाद दूसरा आरोप पत्र दायर किया गया जिसमें मिश्रा व उसके परिजनों का नाम आरोपियों की सूची में नहीं था।