19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
माओवादी कैडरों की रिहाई के लिए नेपाल में हड़ताल
19-02-2013
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल [माओवादी] की देश व्यापी हड़ताल के कारण मंगलवार को आम जनजीवन खासा अस्त व्यस्त रहा। पार्टी वर्ष 2004 में एक रेडियो पत्रकार देकेंद्र थापा की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए चार माओवादी कैडरों की रिहाई की मांग कर रही है। सीपीआइ [एम] सत्तारूढ़ यूनिफाइड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल [माओवादी] की सहयोगी पार्टी है। सीपीएन-एम के कार्यकर्ता चीफ जस्टिस खिलराज रेगमी के नेतृत्व में कार्यकारी सरकार के गठन के प्रमुख पार्टियों के प्रयासों का भी विरोध कर रहे हैं। हड़ताल को देखते हुए सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया था और लंबी दूरी के आवागमन के साधनों पर भी रोक लगा दी गई थी। हड़तालियों ने बाजार भी बंद करा दिए। पश्चिमी नेपाल के दैलेख जिले में 2004 में माओवादियों ने थापा का बुरी तरह से उत्पीड़न किया था और उन्हें जिंदा दफन कर दिया था। पुलिस ने पिछले महीने इस हत्या के मामले में चार माओवादी कैडरों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। यूसीपीएन माओवादी और सीपीएन माओवादी दोनों पार्टियां इस मामले में जांच बंद कराना चाहती हैं। पुलिस ने हड़ताल के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ में सात माओवादी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।