19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
साइबर हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समझौते की जरूरत
20-02-2013
चीनी सेना की एक इकाई द्वारा अमेरिका कंपनियों के कंप्यूटरों पर साइबर हमला करने की कथित रिपोर्टो के बीच एक शीर्ष अमेरिकी सीनेटर ने इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर अंतरराष्ट्रीय समझौता और मजबूत विधेयक बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। खुफिया मामलों पर सीनेट चयन समिति की अध्यक्षा सीनेटर डायना फेनस्टीन ने कहा, \'मेरे ख्याल से अंतरराष्ट्रीय साइबर समझौता करने और मजबूत विधेयक बनाने का समय आ गया है, ताकि सूचनाओं को साझा करने में सुधार हो और देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा हो सके। इसकी अनुपस्थिति में अमेरिकी कंपनियों पर साइबर हमले की आशंका बनी रहेगी।\' कंप्यूटर सुरक्षा कंपनी मैंडियांत की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक रूप से बताती है कि चीनी सेना अमेरिकी कंप्यूटरों में सेंध लगाने और उन्हें हैक करने के लिए किस हद तक जा सकती है। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि अब साइबर सुरक्षा को लेकर विधेयक जल्द से जल्द पारित होना चाहिए। फेनस्टीन ने कहा,\'कई अमेरिकी समूहों ने साइबर हमलों का मुद्दा चीनी वार्ताकारों के समक्ष उठाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मैंने खुद चीनी अधिकारियों के समक्ष हैकिंग का मुद्दा उठाया था, लेकिन उन्होंने नकार दिया।\' मैंडियांत ने सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने चाइनीज पीपुल्स लिबरेशन आर्मी [पीएलए] को सुनियोजित तरीके से साइबर जासूसी और दुनियाभर के संगठनों से डाटा की चोरी के काम में लगाया है। चीनी सेना से जुड़ी इकाई ने 141 कंपनियों का डाटा चुराया है। इनमें से 115 अमेरिकी हैं।