15 February 2019



राष्ट्रीय
नोएडा में हिंसक हुए हड़ताली, आगजनी
20-02-2013
श्रमिक संगठनों के आह्वान पर हड़ताल के दौरान नोएडा में बंद समर्थकों ने जबरदस्त उपद्रव किया। कई स्थानों पर पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई। फेज-दो में आधा दर्जन फैक्टरियों में आगजनी के साथ-साथ पांच सौ से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। फैक्टरियों के बाहर भी बंद समर्थकों ने आगजनी की। उपद्रवियों ने दर्जनों वाहनों के शीशे तोड़े और एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कंपनियों में घुसकर कर्मचारियों से मारपीट की गई। छह घंटे तक फेज-दो इलाके में कोहराम मचा रहा। उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ हवाई फायर करने पड़े। हालांकि, पुलिस हवाई फायर करने से इन्कार कर रही है। आगजनी, तोड़फोड़ व संपत्ति के नुकसान का आकलन लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये किया गया है। शाम के बाद स्थिति नियंत्रित हुई। जिला अधिकारी एमकेएस सुंदरम् के अनुसार फैक्टरियों में तोड़फोड़ व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 38 को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद एडीजी एनसीआर, मेरठ कमिश्नर से लेकर आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को एकाएक हिंसा पर उतारू हुई भीड़ के पीछे गहरी साजिश का अंदेशा नजर आया। जिला प्रशासन भी इसकी पुष्टि करता दिख रहा है। डीएम ने पूरी घटना में साजिश की बात कह मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। बुधवार सुबह से ही नोएडा फेज-दो में होजरी कांप्लेक्स की अधिकांश फैक्ट्रियों में काम चल रहा था। करीब नौ बजे सुबह बंद समर्थकों ने फैक्ट्रियों को बंद कराना शुरू किया। बाहर निकले मजदूरों की भीड़ ने कुछ ही देर में कंपनियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। महिला कर्मचारियों से बदतमीजी की गई। सुबह दस बजे के बाद पूरा फेज-दो इलाका रणभूमि में तब्दील हो गया। होजरी कांप्लेक्स में मदरसंस सहित आधा दर्जन फैक्ट्रियों में आगजनी की गई। पुलिस व बंद समर्थकों के बीच कई बार झड़पें हुई। बंद समर्थकों ने कंपनियों के सामने खड़े वाहन, पुलिस जिप्सी तथा एक अग्निशमन वाहन को आग के हवाले कर दिया। फेज-दो इलाके में हिंसा का नंगा नाच देख पीएसी के साथ गाजियाबाद से भी भारी पुलिस बल बुलाया गया। दिन भर हुई मारपीट व हिंसा में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। फेज-दो के अलावा, नोएडा सेक्टर-63, 57, 58, 59, 64, 65 व 67 में भी फैक्ट्रियों पर पथराव किया गया। कई फैक्ट्रियों के शीशे उपद्रवियों ने तोड़ डाले। दोपहर तक उपद्रव होता रहा। इसके बाद पुलिस ने पीएसी के साथ कमान संभाली, तब जाकर शहर शांत हुआ। दोपहर बाद औद्योगिक सेक्टरों की सड़कें सुनसान रहीं। सिर्फ जवान ही गश्त करते नजर आए।