17 February 2019



प्रादेशिक
सिंधिया की सक्रियता बढ़ी
21-02-2013
कांग्रेस ने भले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को भावी मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने का फैसला नहीं लिया हो, उनकी सक्रियता बढ़ गई है। अगले साल वे मालवा-निमाड़ का सघन दौरा करने वाले हैं। हालांकि यह दौरा सरकारी आयोजनों के बहाने होगा। राजनीतिक तौर पर अनेक ऐसे स्थानों पर वे पहुंचेंगे जहां कमलनाथ समर्थक प्रभावी हैं या रहे हैं। कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि इस दौरे में वे इंदौर-उज्जैन संभाग में आठ स्थानों पर पहुंचेंगे। इसकी शुरुआत होगी शुजालपुर से। वहां वे 24 फरवरी को भोपाल से सीधे पहुंचेंगे। वहां से सोनकच्छ व देवास में कार्यक्रम करने के बाद इंदौर आकर रात्रि विश्राम करेंगे। इंदौर से हेलिकॉप्टर द्वारा मंदसौर व नीमच जाने का कार्यक्रम है। फिर वहीं से दिल्ली के लिए उड़ जाएंगे। इस दौरे का दूसरा चरण एक मार्च को होगा। इसमें खंडवा, खरगोन व बुरहानपुर जाएंगे। सभी जगह औपचारिक तौर पर वे करीबी गांवों में केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री होने के नाते राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। हालांकि दौरे का मकसद इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। राजनीतिक समीकरणों की उलझन सिंधिया का यह दौरा राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी देखा जा रहा है। उनके दौरे की शुरुआत देवास-शाजापुर लोकसभा क्षेत्र से होगी। वहां के सांसद सज्जन वर्मा कमलनाथ कोटे से ही टिकट पाते रहे हैं। हालांकि बीते सालों में वे एमपीसीए के बहाने सिंधिया के करीब आ गए हैं। इसके चलते उनके एक खास समर्थक के पेट्रोल पंप का उद्घाटन भी सिंधिया करेंगे। सिंधिया खरगोन क्षेत्र में भी पहुंचेंगे, जहां से कमलनाथ समर्थक बाला बच्चन ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस बीच मंदसौर-नीमच का दौरा जरूर कुछ अलग है, क्योंकि वह इलाका कभी सिंधिया राजपरिवार का ही प्रभाव क्षेत्र रहा है। कुछ राजनीतिक सूत्र यह भी मानते हैं कि दोनों बडे़ नेताओं में प्रदेश की राजनीति को लेकर कोई समझौता हो गया है।