15 February 2019



राष्ट्रीय
भारत बंद के दूसरे दिन भी नोएडा में तोड़फोड़
21-02-2013
भारत बंद के दूसरे दिन गुरुवार को नोएडा में फिर एक बार तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इसके मद्देनजर नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक बढ़ा दी गई है। बुधवार को यहां पर हुई हिंसक झड़पों में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस अभी तक करीब अस्सी लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। नोएडा में आज सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाबलों की अतिरिक्त कंपनियां भी लगाई गई हैं। इस बीच आटो क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मारुति, सुजूकी और हीरो कॉर्प के कर्मचारियों ने भी इस हड़ताल में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। प्रमुख मजदूर संगठनों की तरफ से बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल की आंच निजी क्षेत्र तक जा पहुंची है। श्रमिक समस्या से जूझ रही देश की तीन प्रमुख ऑटो कंपनियों (मारुति सुजुकी, हीरो और सुजुकी) की यूनियनों ने हड़ताल के अंतिम दिन इसमें शामिल होने का ऐलान कर दिया है। एसोचैम ने हड़ताल के चलते देश को 26 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जतायी है। अकेले दिल्ली एनसीआर में इस हड़ताल से करीब ढ़ाई हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। पहले से ही घटती बिक्री से परेशान तीनों कंपनियों के उत्पादन पर इसका विपरीत असर पड़ने के आसार हैं। इन तीनों के अलावा दिल्ली के आसपास स्थित कुछ अन्य कंपनियों में श्रमिकों के एक दिन के हड़ताल पर जाने की संभावना है इन तीनों कंपनियों की फैक्ट्रियां राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में है। देश की दिग्गज कार निर्माता मारुति सुजुकी के श्रमिक संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा है कि कंपनी के दोनों प्लांट गुड़गांव और मानेसर में गुरुवार को कामकाज नहीं होगा। इसी तरह से देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प के श्रमिक संगठन ने भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल के अंतिम दिन शामिल होने की बात कही है। जापान की बाइक निर्माता सुजुकी के श्रमिक संगठन ने भी हड़ताल में शामिल होने की घोषणा कर दी है इन तीनों कंपनियों में पहले से ही श्रमिक विवाद चल रहा है। मारुति के मानेसर प्लांट में हिंसक वारदात हो चुकी है। हीरो मोटोकॉर्प में प्रबंधन और श्रमिकों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। औद्योगिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था एसोचैम ने हड़ताल के चलते देश को 26 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जतायी है। पहले यह अनुमान 20 हजार करोड़ का लगाया गया था। संस्था ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी करके कहा कि दो दिनों की इस हड़ताल का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर असर पड़ सकता है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हड़ताल का जिस प्रकार से असर हुआ है, उसके मद्देनजर नुकसान बढ़ा है।