19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
मालदीव ने दो टूक कहा, नशीद को नहीं देंगे राहत
23-02-2013
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद के भारतीय दूतावास में शरण लेने को लेकर दोनों देशों के बीच कायम कूटनीतिक गतिरोध का हल निकलता नहीं दिख रहा है। इस मसले का हल निकालने में जुटे भारत के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की कोशिशों के बीच मालदीव ने फिर स्पष्ट कहा है कि वह नशीद के खिलाफ आरोपों को वापस नहीं लेगा। उन्हें राहत नहीं दी जाएगी। इसके विपरीत भारत का दावा है कि मसले का हल निकालने की दिशा में वह आगे बढ रहा है। जबकि इन घटनाक्रमों से बेपरवाह मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद शुक्रवार को दसवें दिन भी दूतावास में शरण लिए रहे। मालदीव के अभियोजन निदेशक अहमद मुइज्जु ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख हर्षवर्धन से बातचीत के बावजूद नशीद के खिलाफ आरोपों को वापस लेने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा \'हम इस बारे में सोच भी नहीं रहे हैं। इसका सवाल ही नहीं उठता।\' जब अभियोजन निदेशक से पूछा गया कि क्या भारतीय विदेश विभाग में संयुक्त सचिव हर्षवर्धन ने नशीद के खिलाफ आरोप वापस लेने के लिए कोई दबाव डाला तो मुइज्जु का कहना था, \'हम सभी जानते हैं कि उनका दृष्टिकोण क्या है। क्या हम नहीं जानते हैं।\' हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि नशीद के खिलाफ मुकदमें की सुनवाई में देरी के बारे में अदालत ही कोई फैसला ले सकती है। इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। मालदीव के इन्कार के बावजूद भारतीय दूतावास को भरोसा है कि मसले का सर्वमान्य हल निकल जाएगा। दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हर्षवर्धन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल की मालदीव नेताओं से बातचीत के बाद हल निकलने का सकारात्मक संकेत मिले हैं। हम आगे बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हर्षवर्धन के नेतृत्व में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल 20 फरवरी से ही माले में डेरा डाले हुए। गुरुवार को मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद वहीद ने भारतीय अधिकारियों से मिलने से इन्कार कर दिया था। हालांकि प्रतिनिधिमंडल की दूसरे मंत्रियों और अन्य नेताओं से कई दौर की वार्ता हो चुकी है।