18 February 2019



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ब्याज मुक्त कर्ज तीन साल के लिए स्थगित
23-02-2013
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओला-पाले से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए उनके अल्पकालीन कर्ज को मध्यकालीन कर्ज में तब्दील करते हुए कहा है कि उन्हें तीन साल तक कोई ब्याज भी अदा नहीं करना होगा।

चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कानून के साथ \'सिस्टम\' में बदलाव की जरूरत है और भाजपा सरकार उसी की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कानून के साथ लोगों की मानसिकता बदलने की जरूरत है। हमें शीला की जवानी और मुन्नी बदनाम हुई जैसे गानों और नृत्यों पर भी रोक लगानी होगी।

उन्होंने कहा कि धार भोजशाला विवाद में प्रशासन की भूमिका को लेकर कोई चाहे जो भी कहे लेकिन यह तय है कि उनकी सरकार ने हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच खाई पैदा नहीं होने दी।

राज्यपाल के अभिभाषण पर रखे गए कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर दो दिन से जारी बहस का जवाब देते हुए चौहान ने विपक्ष के आरोपों का जवाब पलटवार करके दिया। कांग्रेस ने उन्हें किसानों के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की थी। लेकिन, चौहान ने उल्टे कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया।

उन्होंने किसानों के हित में लिए गए फैसलों का सिलसिलेवार ब्यौरा देते हुए कांग्रेसियों से पूछा कि क्या वे किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के पक्ष में नहीं है? भाजपा सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाना चाहती है। लेकिन, खाद के दाम किसने बढ़ाए? डीजल के दाम हर माह कौन बढ़ा रहा है? ऐसे में किसानों का हमदर्द कौन है? कांग्रेस या भाजपा?

विपक्ष की सीटों पर सन्नाटा

मुख्यमंत्री के इन पलटवारों पर विपक्ष की सीटों पर सन्नाटा पसर गया। दरअसल कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान पर सीधे हमले बोलने का जो दांव चला था वह उल्टा पड़ गया। चौहान ने कांग्रेस के इन आरोपों को नकार दिया कि गेहूं खरीदी का आंकड़ा इसलिए बड़ा क्योंकि दूसरे राज्यों के किसानों ने भी गेहूं बेचा और गरीबों का पीडीएस का गेहूं काला बाजारी के रास्ते समर्थन मूल्य पर बिकने आया।

ये गिनाई उपलब्धि

-देश की विकास दर छह फीसद है तो मप्र में 10.02 प्रतिशत।

-अगले साल देश की विकास दर 5.5 फीसद रहने का अनुमान तो मप्र में इसके 11.98 तक पहुंचने की उम्मीद।

-2003-04 के मुकाबले प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद [जीडीपी] तीन गुना बढ़ा।

-मप्र बीमारू राज्य के कलंक से मुक्त हुआ।

-भाजपा की फिर सरकार बनी तो देश के विकसित राज्यों की पांत में पहले या दूसरे नंबर पर होगा।

-कांग्रेस ने कागजों में बिजली बनाई। एक भी करार जमीन पर नहीं उतरा। हमने करार भी किए और संयंत्र भी लगे। बिजली उत्पादन भी बढ़ाया।

-अब मंत्री अफसर नहीं खेती की नई तकनीक देखने किसान करेंगे विदेशों का दौरा।

-किसानों की फसलों पर आपदा राशि बढ़ाई। फसल बीमा का अधिकाधिक लाभ दिलाने की कोशिश।

-84 हजार करोड़ के उद्योगों में उत्पादन शुरू। 1 लाख 10 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर गंभीरता से काम जारी।

-इंदौर समिट के बाद सौ दिन में 102 लघु और 162 बड़ी औद्योगिक इकाईयों के लिए भूमि आवंटित की।

-गांव में 24 घंटे बिजली, घर रोशन करने के लिए नहीं बल्कि छोटे और कुटीर उघोग लगाने के लिए है।

-किसानों का लंबित बिजली बिल आधा सरकार जमा करेगी। सरचार्ज पूरा माफ होगा।

-किसानों को बिजली पर हर साल दो हजार करोड़ रुपए की सबसिडी।

-ओला-पाला प्रभावित किसानों की कर्ज वसूली होगी स्थगित। मध्यावधि लोन में तब्दील होगा अल्पकालीन ऋण। तीन साल तक नहीं लगेगा ब्याज।

-पुलिस के कामकाज की तारीफ। जमकर पीठ थपथपाई ।