18 February 2019



प्रादेशिक
नौ वर्ष में विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 10,236 मेगावॉट हुई
25-02-2013

ऊर्जा क्षेत्र में विगत 9 वर्ष में अनेक उपलब्धियाँ प्राप्त की गई हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण विद्युत उत्पादन क्षमता का बढ़ना है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति का नया कीर्तिमान भी बना है। ट्रांसमिशन प्रणाली की क्षमता वृद्धि के साथ ही हानियों के स्तर में कमी लाई गई है। प्रदेश की उपलब्ध विद्युत क्षमता केन्द्रीय क्षेत्र तथा अन्य स्रोत से वित्तीय वर्ष 2002-03 में 4,673 मेगावॉट थी, जो जनवरी, 2013 तक बढ़कर 10 हजार 236 मेगावॉट हो गई है। यह वृद्धि करीब 119 प्रतिशत है। इस दौरान ट्रांसमिशन प्रणाली की क्षमता में भी 127 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ट्रांसमिशन के क्षेत्र में किये गये अधोसंरचना कार्यों के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2002-03 में प्रदेश की 7.93 प्रतिशत ट्रांसमिशन हानियाँ वर्तमान में घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई हैं, जो देश में न्यूनतम स्तर पर हैं। वित्तीय वर्ष 2002-03 की तुलना में समग्र तकनीकी तथा वाणिज्यिक हानियों के स्तर में लगभग 15 प्रतिशत की कमी लायी गई।

वर्ष 2004 से दिसम्बर 2012 की अवधि में उपलब्ध विद्युत क्षमता में 5,033 मेगावॉट की वृद्धि हुई है। वर्ष 1994 से वर्ष 2004 की अवधि में मात्र 1,162 मेगावॉट की वृद्धि हुई थी। वित्तीय वर्ष 2002-03 में प्रदेश की ट्रांसमिशन प्रणाली की क्षमता 3,890 मेगावॉट थी, जो मार्च, 2012 तक बढ़कर 8,841 मेगावॉट हो गई। यह वृद्धि 127 प्रतिशत है। नवम्बर, 2012 में अधिकतम लगभग 9,500 मेगावॉट विद्युत का ट्रांसमिशन किया गया। वित्तीय वर्ष 2002-03 में अति उच्च-दाब उप-केन्द्र की संख्या 146 थी, जो जनवरी, 2013 तक बढ़कर 252 हो गई। यह वृद्धि 73 प्रतिशत है। अति उच्च-दाब केन्द्रों की क्षमता 17 हजार 115 एम.व्ही.ए. थी, जो जनवरी, 2013 तक बढ़कर 36 हजार 985 एम.व्ही.ए. हो गई। यह वृद्धि 116 प्रतिशत है।

बिजली आपूर्ति का रिकार्ड

प्रदेश में बिजली की बेहतर आपूर्ति के प्रयासों के परिणाम भी मिलना शुरू हो गये हैं। विद्युत वितरण कम्पनियों के कुशल प्रबंधन तथा बेहतर समन्वय से प्रदेश में बिजली की माँग की आपूर्ति का रिकार्ड कायम हुआ है। विगत 20 दिसम्बर, 2012 को प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक 1813.12 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इसके पूर्व 13 नवम्बर, 2012 को दीपावली पर्व के दिन प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक 1755.57 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति कर कीर्तिमान स्थापित किया गया था, जो वित्तीय वर्ष 2011-12 में दीपावली के दिन प्रदाय 1519 लाख यूनिट से 16 प्रतिशत तथा वित्तीय वर्ष 2010-11 में दीपावली के दिन ही 1371 लाख यूनिट से 28 प्रतिशत अधिक है।

इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2011-12 में प्रदेश में 42 हजार 931 मिलियन यूनिट विद्युत आपूर्ति की गई, जो वर्ष 2002-03 की 27 हजार 091 मिलियन यूनिट की तुलना में 58 प्रतिशत ज्यादा है। वित्तीय वर्ष 2002-03 में अधिकतम 4652 मेगावॉट माँग की आपूर्ति की गई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2012-13 में माह नवम्बर, 2012 में 9484 मेगावॉट अधिकतम माँग की आपूर्ति की गई। यह वित्तीय वर्ष 2002 की तुलना में 104 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2012-13 में प्रदेश में मार्च, 2013 तक 49 हजार 191 मिलियन यूनिट विद्युत आपूर्ति की जाना है, जो वर्ष 2002-03 की 27 हजार 91 मिलियन यूनिट की तुलना में 82 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में संभावित विद्युत प्रदाय 61 हजार 422 मिलियन यूनिट रहेगा।