15 February 2019



राष्ट्रीय
हैदराबाद धमाकों के बाद होटल छोड़ने वाले तीन पर शक
26-02-2013
दिलसुख नगर धमाकों की जांच कर रही पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को वारदात स्थल के नजदीक एक होटल में फर्जी नाम से ठहरे व घटना के तत्काल बाद गायब हुए तीन लोगों पर शक है। मामले में देश के विभिन्न हिस्सों में चार दर्जन से अधिक लोगों व जेलों में बंद लश्कर-ए-तैयबा और इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकियों से पूछताछ के बाद भी बम रखने वाले आतंकियों का सुराग नहीं मिल पाया है। धमाकों की साजिश के तार पूरे देश में फैले होने की आशंका के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हैदराबाद धमाकों की जांच की कमान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंपने का फैसला किया है। जांच के दौरान संदेह की सुई धमाके की जगह के नजदीकी एक होटल में ठहरे तीन लोगों पर टिक गई है। फर्जी नाम से ठहरे पांच लोगों ने धमाके के तत्काल बाद होटल छोड़ा था। इनमें दो को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, लेकिन फर्जी नाम से ठहरे तीन की पहचान नहीं हो पाई है। धमाके की जगह के नजदीकी सीसीटीवी फुटेज में तीन लोग साइकिल ले जाते हुए देखे गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि कैमरे में कैद और धमाके के बाद होटल छोड़ने वाले तीनों संदिग्ध समान हो सकते हैं। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि धमाके में किसी नए आतंकी मॉड्यूल का हाथ भी हो सकता है। एनआइए धमाके के तत्काल बाद से राज्य पुलिस का सहयोग कर रही है, लेकिन एजेंसी ने गृह मंत्रालय से जांच की कमान उसे सौंपने का अनुरोध किया था। सोमवार को एनआइए ने अब तक की जांच रिपोर्ट भी गृह मंत्रालय को सौंप दी है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके बाद ही जांच एनआइए को सौंपने का फैसला किया गया। इस सिलसिले में जल्द ही अधिसूचना जारी हो जाएगी। सोमवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने बताया कि विस्फोट स्थल से जुटाए गए सभी सुबूतों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने विस्फोट स्थल के सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज से बेहतर और स्पष्ट तस्वीरें हासिल करने के लिए फुटेज को मुंबई की आधुनिक फिल्म प्रोसेसिंग लैब भेजा गया है। मकोका अदालत ने महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) को पिछले साल हुए पुणे के जंगली महाराज मार्ग धमाकों के आरोपी फिरोज सय्यद और इरफान से हैदराबाद धमाकों के संबंध में पूछताछ की अनुमति दे दी है।