16 February 2019



राष्ट्रीय
हैदराबाद ब्‍लास्‍ट की जांच के लिए ली जाएगी अमेरिका की मदद!
27-02-2013
। हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए बम धमाकों की जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मिले वीडियो से सुराग तलाशने में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की मदद ली जा सकती है। (हैदराबाद में एक और धमाके की तैयारी) इन्हें मुंबई की एडवांस फिल्म प्रोसेसिंग लैब में भेजे जाने की भी बात चल रही है। बेहतर तस्वीर न मिलने से फुटेज से अब तक कोई खास मदद नहीं मिल पाई है। इसके बाद आंध्रप्रदेश पुलिस इस पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद धमाकों  हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए बम धमाकों की जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मिले वीडियो से सुराग तलाशने में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की मदद ली जा सकती है। (हैदराबाद में एक और धमाके की तैयारी) इन्हें मुंबई की एडवांस फिल्म प्रोसेसिंग लैब में भेजे जाने की भी बात चल रही है। बेहतर तस्वीर न मिलने से फुटेज से अब तक कोई खास मदद नहीं मिल पाई है। इसके बाद आंध्रप्रदेश पुलिस इस पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद धमाकों के बाद देश भर में करीब 100 लोगों की निगरानी की जा रही हैं। (पढ़ें. \'मिशन हैदराबाद\' के बाद इंडियन आर्मी को चुनौती) इनमें ज्यादातर लोग दक्षिण भारतीय राज्यों के हैं। इनके न केवल लश्कर ए तैयबा से संपर्क रहे हैं बल्कि वे लोकल लेवल पर कट्टरवादी संगठनों से जुड़े भी रहे हैं। इनमें करीब 40 लोग वे हैं जो मूल तौर पर कश्मीर के हैं लेकिन इन राज्यों में रह रहे हैं। इन लोगों ने स्थानीय लड़कियों से शादियां की हैं और दिखाने के लिए व्यवसाय कर रहे हैं। लेकिन इनका मूल काम आतंकी गतिविधियों का विस्तार करना ही है। सूत्रों के मुताबिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त ज्यादातर युवकों ने नाम बदल कर शादियां की है। रक्सौल में गिरफ्तार जर्मन नागरिक का हैदराबाद ब्लास्ट से कोई संबंध नही: एसपी सूत्रों ने कहा कि धमाकों की जगह के पास के कैमरों से मिले फुटेज में साइकिल के पास तीन लोगों की संदिग्ध हरकतें दिखाई दे रही हैं। लेकिन यह साफ नहीं हैं। दिलसुखनगर में गुरुवार को हुए दो बम धमाकों में 16 लोग मारे गए थे और 117 जख्मी हो गए थे। जांचकर्ता इलाके के मोबाइल फोन टॉवरों के जरिए आई-गई कॉल्स का ब्यौरा भी खंगाल रहे हैं। होटलों और लॉज में रुके लोगों की छानबीन की जा रही है। उधर, हैदराबाद में हालिया आतंकी हमले के मद्देनजर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और बीसीसीआई के अधिकारी यहां सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं।
 के बाद देश भर में करीब 100 लोगों की निगरानी की जा रही हैं। (पढ़ें. \'मिशन हैदराबाद\' के बाद इंडियन आर्मी को चुनौती) इनमें ज्यादातर लोग दक्षिण भारतीय राज्यों के हैं। इनके न केवल लश्कर ए तैयबा से संपर्क रहे हैं बल्कि वे लोकल लेवल पर कट्टरवादी संगठनों से जुड़े भी रहे हैं। इनमें करीब 40 लोग वे हैं जो मूल तौर पर कश्मीर के हैं लेकिन इन राज्यों में रह रहे हैं। इन लोगों ने स्थानीय लड़कियों से शादियां की हैं और दिखाने के लिए व्यवसाय कर रहे हैं। लेकिन इनका मूल काम आतंकी गतिविधियों का विस्तार करना ही है। सूत्रों के मुताबिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त ज्यादातर युवकों ने नाम बदल कर शादियां की है। रक्सौल में गिरफ्तार जर्मन नागरिक का हैदराबाद ब्लास्ट से कोई संबंध नही: एसपी