21 February 2019



मनोरंजन
फिल्म 26/11 ने याद दिलाई आतंक की रात
01-03-2013
 आज फिर याद आया वो दिल दहला देने वाला मंजर, आज फिर सुनाई दी उस काली रात की गूंज,आज फिर महसूस हुई दर्द की वो आहट, आज फिर ताजा हो गए वो पुराने जख्म। हां हम बात कर रहें हैं उन तीन दिनों की जब साल 2008 में देश की आर्थिक राजधानी और हजारों दिलों की धड़कन मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था। निर्माता राम गोपाल वर्मा ने उस मंजर को पर्दे पर उतारने की कवायद की है। उस सच्ची घटना पर आधारित फिल्म अटैक ऑफ 26/11 आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। लेकिन विवादों ने फिल्म का पीछा नहीं छोड़ा। हमले के समय इस्तेमाल की गई नाव कुबेर का नाम इस फिल्म में लिए जाने की वजह से नाव के मालिक हीरालाल मसानी ने रामू को नोटिस भेजा है। मसानी ने कहा कि इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देना चाहिए। इस फिल्म का विदेशी सेंसर बोर्ड में काफी विरोध किया गया था। नतीजा पहले अरब और अब यूएसए में फिल्म रिलीज पर पाबंदी लगा दी गई है। क्योंकि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकी शामिल थे। इसलिए हिंसा फैलने की ज्यादा संभावनाएं है। इस हमले का सबसे बड़ा आतंकी अजमल आमिर कसाब को फांसी दी जा चुकी है। लेकिन फिर भी फिल्म रिलीज के बाद कई देशों में हिंसा फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इस फिल्म के 15 मिनट के ट्रेलर को राम गोपाल वर्मा ने पहले ही पर्दे पर दिखा दिया है। इस हमले से निपटने वाले पुलिस कर्मियों को रामू ने फिल्म का छोटा सा एक ट्रेलर दिखाया था। बताया जाता है कि रामू ने मुंबई हमले को पर्दे पर उतारने के लिए काफी मेहनत की है। उनके लिए ये फिल्म एक चुनौती है। अभिनेता नाना पाटेकर फिल्म में संयुक्त पुलिस आयुक्त की भूमिका निभाते हैं जिन्होंने पूरी घटना से जमकर लड़ाई की थी। रामू ने सच्ची घटना के एक एक पहलुओं को पर्दे पर उतारने की कवायद की है।