17 February 2019



प्रादेशिक
आज जारी हो सकती हैं जमीन की नई कीमतें
01-03-2013
 हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए जा रहे एचआईजी, एलआईजी व ईडब्ल्यूएस मकानों की रजिस्ट्री अलग-अलग दरों पर की जाएगी। कलेक्टर द्वारा गाइडलाइन में भी परिवर्तन किया जा रहा है। वहीं बीडीए द्वारा विकसित की जा रही कालोनियों के रेट भी अधिक नहीं बढ़ाए जाएंगे। यह निर्णय गुरुवार को कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर आयोजित की गई तीसरी बैठक में लिया गया। जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों ने माना कि ईडब्ल्यूएस व एलआईजी मकान निमन् व मध्यमवर्गीय आय वाले लोगों के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए इनके रेट कम रखना ही उचित होगा। बैठक में फिर से जमीनों की कीमतों को लेकर किए गए सर्वे की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट के आधार पर कुछ क्षेत्रों की जमीन की कीमतों को कम करने पर मंजूरी दी गई तो कुछ क्षेत्रों के दाम बढ़ाए गए। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। इसमें केवल शासकीय सदस्य व अधिकारीगण ही उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर द्वारा 14 फरवरी को दिए गए निर्देश, फिर से जमीनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए, के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट को वरिष्ठ जिला पंजीयक व सदस्य एनएस तोमर ने प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के आधार पर सामने आई कीमतों व प्रस्तावित गाइडलाइन में तय की गई कीमतों को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। इस चर्चा के दौरान कुछ क्षेत्रों में जमीनों की कीमतें घटाई गई तो कुछ क्षेत्रों में बढ़ाई गई। सूत्रों की माने तो नए बायपास रोड के आसपास के एरिये में जमीनों की कीमतों को बढ़ाने व घटाने पर सहमति बनी। अधिकतर क्षेत्रों में सर्वे के अधार पर पाए गए रेट, प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन के बराबर ही निकले। ज्ञात हो कि हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी ने जिला मूल्यांकन समिति की दोनों बैठकों में ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के रेट एचआईजी से कम रखे जाने की मांग की थी। यही नहीं, जिन कालोनियों का निर्माण तीन साल पहले हुआ था तथा उसका पजेशन वर्तमान में दिया जा रहा है तो उसके मकान की रजिस्ट्री पुरानी दर पर ही किए जाने को कहा था। हालंाकि अधिकारियों ने पहली मांग को मान लिया है। पिछली बैठक में यह दिए थे निर्देश- वित्तिय वर्ष 2013-14 की कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर 14 फरवरी को आयोजित की गई जिला मूल्यांकन समिति की दूसरी बैठक में प्रस्तावित कलेक्टर गाडलाइन में जमीनों की कीमतों में वृद्धि को लेकर समिति सदस्यों ने आपत्तियां उठाई थी। हाउसिंग बोर्ड, बीडीए ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी जमीनों के रेट कम करने की बात कर रहे थे। इसके बाद समिति अध्यक्ष व कलेक्टर श्रीवास्तव अफसरों को निर्देशित किया कि वह एक बार फिर से सर्वे कर जमीन की कीमतों का पता लगाएं, लेकिन यह सर्वे अधिकारी बनकर नहीं बल्कि आम आदमी बनकर करें तभी सच्चाई सामने आएगी।