24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश में हिंसा बेकाबू, 19 और मारे गए
04-03-2013
कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के शीर्ष नेता दिलावर हुसैन सईदी को मौत की सजा सुनाए जाने के खिलाफ गुरुवार से भड़की हिंसा रविवार को भी बेरोक जारी रही। जमात द्वारा आहूत दो दिवसीय बंद का पहला दिन होने के चलते हालात और बेकाबू हो गए। देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों और कट्टरपंथी कार्यकर्ताओं के बीच ताजा खूनी संघर्ष में 19 और लोगों की मौत हुई। बांग्लादेश में जारी इस सियासी खूनी खेल में अब तक 75 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि हालात को नियंत्रण में करने के लिए बांग्लादेश के उत्तरी क्षेत्र में सेना को तैनात करना पड़ा। बोगरा, जयपुर हाट, झेनाईदाह और राजशाही जिले सर्वाधिक उपद्रवग्रस्त रहे। सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार रविवार सुबह जमात उपद्रवियों ने बोगरा में छावनी स्थित एक पुलिस थाने पर बम और बंदूकों से हमला बोल दिया। यहां और समीपवर्ती क्षेत्रों में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 9 उपद्रवी मारे गए। जबकि जयपुर हाट में हिंसा पर उतारू भीड़ काबू में करने के लिए की गई गई फायरिंग में छह लोगों की मौत हुई। जबकि राजशाही जिले में जमात कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच गोलीबारी में एक बच्चा समेत दो लोगों की जान गई। झेनाईदाह के हरीनकुंडा में इस दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। सतखीरा में बांग्लादेश बार्डर गार्ड के जवानों की फायरिंग में भी एक जमात कार्यकर्ता मारा गया।

1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान का साथ देने और आजादी के दीवानों का नरसंहार करने व महिलाओं के साथ दुष्कर्म के आरोप में जमात नेता को फांसी की सजा सुनाई गई है। दिलावर हुसैन सईदी जमात के वह तीसरे बड़े नेता हैं, जिन्हें युद्ध अपराधों की जांच के लिए गठित इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है।