19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए भारत से 12 नामांकन
05-03-2013
भारत से इस साल 12 लोग शांति के नोबेल पुरस्कार की दौड़ में शामिल हैं। ओस्लो स्थित नोबेल इंस्टीट्यूट ने अपने बयान में कहा है कि वर्ष 2013 में शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए रिकॉर्ड 269 नामांकन हासिल हुए हैं, इनमें 209 व्यक्तियों और 50 संगठनों के नाम शामिल है। इस बार के पुरस्कारों के लिए पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ-साथ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का नाम भी शामिल है। नोबेल इंस्टीट्यूट के प्रमुख गेर लुंड्स्टड ने कहा कि अमेरिका के बाद भारत दूसरा ऐसा देश है जहां से सबसे अधिक नामांकन हासिल हुए। हालांकि कहा जा सकता है कि 269 में से 12 कोई बड़ी संख्या नहीं है, लेकिन किसी एक देश से प्राप्त होने वाले नामांकनों के नजरिए से बड़ी संख्या है।\' उन्होंने गोपनीयता का हवाला देकर किसी का भी नाम बताने से इन्कार कर दिया, लेकिन महात्मा गांधी को नोबेल पुरस्कार नहीं दिए जाने पर अफसोस जताया। लुंडस्टड ने कहा, \'पुरस्कारों के 112 साल के इतिहास में महात्मा गांधी को शांति का नोबेल पुरस्कार न दिया जाना बड़ी गलती रही। लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि भविष्य में कोई न कोई भारतीय यह पुरस्कार जरूर जीतेगा। भारत बहुत ही महत्वपूर्ण देश है, जहां ज्यादातर लोग शांति स्थापना के लिए प्रयास कर रहे हैं।\' उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ नाम लोगों अथवा संस्थाओं ने लीक कर दिए हैं पर वह इन नामों को नहीं बता सकते। उल्लेखनीय है कि इनमें पाकिस्तान में लड़कियों के लिए शिक्षा की पैरवी करने पर तालिबान के हमले का शिकार हुई मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई का नाम भी शामिल है। नार्वे नोबेल कमेटी के पांच सदस्य अक्टूबर की शुरुआत में विजेता के नाम की घोषणा करेंगें। नोबेल पुरस्कारों की स्थापना स्वीडन के 19वीं सदी के उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर की गई थी। नोबेल ने डायनामाइट का आविष्कार किया था। यह पुरस्कार उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष 10 दिसंबर को दिया जाता है। पिछले साल का शांति का नोबेल पुरस्कार यूरोपीय यूनियन को मिला था।