15 February 2019



राष्ट्रीय
वॉर्टन फोरम: राहुल का इन्कार, मोदी आउट केजरीवाल इन
05-03-2013

नई दिल्ली। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण रद करने के बाद वॉर्टन इंडिया इकोनॉमिक फोरम में मुख्य वक्ता कौन होगा इस पर अब भी पर्दा पड़ा हुआ है। इस बीच खबर है कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने फोरम से निमंत्रण मिलने के बावजूद न्योता को स्वीकार करने से मना कर दिया है। हालांकि मोदी की जगह छात्रों को संबोधित करने के लिए आम आदमी पार्टी [आप] के संयोजक अरविंद केजरीवाल को निमंत्रित किया गया है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि मोदी की जगह मुख्य वक्ता कौन होगा इस पर अभी फैसला नहीं लिया गया है लेकिन ऐसी जानकारी है कि केजरीवाल 23 मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए फोरम को संबोधित कर सकते हैं। वहीं खबर है कि राहुल गांधी को भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए फोरम को संबोधित करने का निमंत्रण मिला था लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

इस बीच वॉर्टन से भारतीय जनता पार्टी [भाजपा] के इस नेता का निमंत्रण रद करने को लेकर विश्वविद्यालय में मतभेद बना हुआ है। वहीं इस फैसले से नाराज भाजपा इसे अमेरिका का दोहरा मापदंड करार दे रही है। वॉर्टन के प्रोफेसर गुजरात में मोदी के खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड व तथ्यों को उनके खिलाफ मानते हैं। भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सिथारमन ने कहा, \'हमें अमेरिका के उस नियम पर सवाल उठाना चाहिए जिस कारण उनको [मोदी] वीजा देने से इन्कार किया जाता है। इस गलती पर उनसे सवाल किया जाना चाहिए क्यों उन्हें वीजा देने से मना किया गया। यह हमारा अधिकार है कि हम सम्मान के लिए संघर्ष करें।\'

वॉर्टन के प्रोफेसर और छात्रों के एक ग्रुप ने फोरम को पत्र लिखकर मोदी को मुख्य वक्ता के रूप में बुलाए जाने पर अपनी आपत्ति जताई और याद दिलाया कि यह वही नेता है जिसे अमेरिका ने 18 मार्च, 2005 को डिप्लोमेटिक वीजा देने से मना कर दिया था। अमेरिका ने इस आधार पर मोदी को वीजा देने ने मना कर दिया था कि उन्होंने गुजरात में मुसलमानों की सुरक्षा के लिए ठोस काम नहीं किया और दंगे में ढेर सारे मुसलमान मारे गए।

वहीं मोदी का भाषण कार्यक्रम रद करने के विरोध में अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी और शिवसेना नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने भी खुद को इस फोरम से अलग कर लिया है। नाराज अडानी समूह ने इस कार्यक्रम का प्रायोजक बनने से भी इन्कार कर दिया है। गुजरात में मुख्यालय वाला अडानी समूह इस फोरम के पांच मुख्य प्रायोजकों में से एक था।

इस फोरम में सूचना राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा, अदाकारा शबाना आजमी और कवि व स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर को भी फोरम में अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी अपनी बात रखेंगे। इससे पूर्व इस मंच से भारत की कई जानी मानी हस्तियां अपनी बात रख चुकी हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, वित्त मंत्री पी चिदंबरम, भाजपा नेता वरुण गांधी और उद्योगपति अनिल अंबानी इस फोरम में भाग ले चुके हैं।

16 साल पूर्व शुरू हुआ यह भारत आधारित बिजनेस कांफ्रेंस आज दुनियाभर में अपनी पहचान बना चुका है। यह सम्मेलन भारत में वर्तमान समय के मौकों और चुनौतियों का सामना करने के लिए नेताओं को विचार रखने का एक मंच प्रदान करता है।