22 February 2019



प्रादेशिक
दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाने पर पति-पत्नी को जेल
06-03-2013
मध्य प्रदेश में सागर जिले की एससी-एसटी कोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म के एक मामले में झूठी रिपोर्ट लिखवाने पर महिला और उसके पति को सात-सात दिन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने कहा कि बलात्कार जैसे संगीन मामले समाज की भावनाओं और संवेदनाओं से जुड़े होते हैं। ऐसे संगीन मामलों में झूठी रिपोर्ट लिखाने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। सवित्री नाम की महिला ने 31 दिसंबर 2012 को दीपक कुमार रजक के विरुद्ध अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया तो ट्रायल के दौरान पूरा मामला फर्जी निकला। न्यायालय ने पाया कि आरोपी को फंसाने की नियत से झूठा मामला दर्ज कराया गया था। सावित्री और उसके पति के विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज कराने और अदालत में झूठे बयान देने पर अदालत ने उन्हीं को सजा सुना दी।