18 February 2019



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ग्रामीण शिल्पियों को प्रदर्शन के अवसर और बाजार उपलब्ध करवाना जरूरी
06-03-2013

वित्त मंत्री श्री राघवजी ने ग्रामीण शिल्पियों तथा कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के समुचित अवसर और बाजार उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर बल दिया है। श्री राघवजी आज यहाँ रवीन्द्र भवन परिसर में जन-अभियान परिषद् के ‘सृजन मेला-2013’ का शुभारंभ कर रहे थे। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष द्वय श्री प्रदीप पाण्डेय और डा. अजयशंकर मेहता भी उपस्थित थे।

श्री राघवजी ने कहा कि छोटे उद्यम ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। उन्होंने जबलपुर में लिज्जत पापड़ उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें कुछ करोड़ की लागत से ही 3000 से अधिक महिला को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सक्रिय जन-सहयोग से ही संभव है। जन-अभियान परिषद् द्वारा समुदाय को विकास गतिविधियों से जोड़ने का कार्य सराहनीय है। उन्होंने कहा कि परिषद् के कार्य निचले स्तर तक पहुँच रहे हैं जिससे गाँवों का तेजी से उत्थान हो रहा है।

उपाध्यक्ष डा. मेहता ने बताया कि राज्य स्तर पर यह पहला सृजन मेला लगाया गया है। इसमें प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड के शिल्पी अपने शिल्पों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। इनमें मेले में शिल्पों के अलावा व्यंजन, देशी उपचार, बोन्साई वृक्ष, देशी तकनीक से बने उपकरण आदि का प्रदर्शन किया गया है।

वित्त मंत्री ने मेले में लगे स्टॉलों को देखा और प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर परिषद् के सलाहकार श्री राघवेन्द्र गौतम, श्री अशोक राय, कुमारी भारती कुंभारे, भोपाल जिले के उपाध्यक्ष श्री महेश जोशी तथा अन्य पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में शिल्पी और शिल्पप्रेमी उपस्थित थे।