21 February 2019



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बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज के सिंचाई की सर्वोच्च प्राथमिकता
08-03-2013

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने बारहवी योजना के दौरान बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज वाले जिलों में सिंचाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने आज यहाँ विधानसभा समिति कक्ष में बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज की प्राथमिकताएं तय करने के लिये आयोजित बैठक में भविष्य की रणनीतियों की चर्चा की। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा बारहवीं योजना के दौरान बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज में राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं से अवगत कराने की अपेक्षा की गई है।

उल्लेखनीय है कि बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज में सागर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, छतरपुर और दतिया जिले आते हैं। इन जिलों में 7154 गाँव आते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्राथमिकताओं पर चर्चा में सिंचाई के बाद पशुपालन एवं संबंधित गतिविधियों और एग्रो फारेस्ट्री को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी त्वरित आय बढ़ाने वाला क्षेत्र है। उन्होंने किसानों की जमीन पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और पेड़ काटने की प्रक्रिया सरल करने के लिये अभियान चलाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि समूह जल प्रदाय योजना, बकरी पालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता देना होगा।

श्री चौहान ने बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज के अन्तर्गत स्वीकृत होने वाली परियोजनाओं में विलम्ब होने पर तत्काल सक्रियता के साथ कार्रवाई करने और संबंधित केन्द्रीय मंत्रालय से चर्चा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विलम्ब की स्थिति में परिणाम भी देर से मिलते हैं। यह गरीब किसानों और उनके परिवारों के लिये ठीक नहीं है।

प्रमुख सचिव योजना श्री एस.आर.मोहन्ती ने विशेष पैकेज और रणनीतियों के संबध में प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से जल संसाधन, कृषि, ग्रामीण विकास, पशुपालन, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और उद्यानिकी की विकास गतिविधियों की क्रियान्वित किया जा रहा है। इस बार मत्स्य पालन को भी शामिल किया जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि केन्द्र से अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता की बची हुई 10 प्रतिशत राशि जारी करने, परियोजनाओं की लागत में वृद्धि के लिये प्रावधान करने और राज्य को कार्य स्थल में मामूली परिर्वतन और अन्तरविभागीय परिवर्तन के अधिकार देने के संबंध में भारत सरकार से चर्चा की जायेगी। बारहवी योजना के दौरान इन जिलों में फल एवं सब्जी मार्केट की स्थापना, दलहन विस्तार कार्यक्रम, कृषि आदान केन्द्रों की स्थापना, छतरपुर में हार्टीकल्चर हब और विकास, दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत बनाने, मत्स्य पालन के लिये हेचरी और तालाबों का निर्माण, प्रोड्यूसर कंपनियों की स्थापना, भू-जल संरक्षण कार्य विशेष रूप से क्रियान्वित किये जायेंगे।

बैठक में जल संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री श्री जयंत मलैया, वित्त मंत्री श्री राघवजी, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, राजस्व एवं पुर्नवास मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, पशुपालन मंत्री श्री अजय विश्नोई, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम एवं संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।