21 February 2019



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मध्यप्रदेश में आलू, प्याज और लहसुन का उत्पादन बढ़ेगा
08-03-2013

मध्यप्रदेश में आलू, प्याज और लहसुन का उत्पादन बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। फिलहाल प्रदेश में आलू का उत्पादन 88 हजार हेक्टेयर में होता है और इसका उत्पादन लगभग 18 लाख 17 हजार मीट्रिक टन से अधिक है। इंदौर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा छिंदवाड़ा, उज्जैन, शाजापुर, देवास, मुरैना, सतना, राजगढ़, जबलपुर, सागर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, विदिशा, रतलाम और बैतूल जिले में आलू का उत्पादन होता है।

इसी प्रकार लगभग 5400 हेक्टेयर में लहसुन का उत्पादन 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक होता है। लहसुन के उत्पादन में उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, देवास, इंदौर, धार और बड़वानी जिले आगे हैं। प्याज की खेती 11 हजार से अधिक हेक्टेयर में होती है और इसका उत्पादन 17 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। प्याज की फसल इंदौर, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, रीवा, सतना, विदिशा, राजगढ़, जबलपुर, सागर और पन्ना में प्रमुख रूप से ली जाती है।

उद्यानिकी की इन 3 महत्वपूर्ण नगद फसलों के उत्पादन में तेजी लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इंदौर में 9 मार्च को एक राष्ट्र-स्तरीय संगोष्ठी में इन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ इनके भण्डारण तथा बाजार के विषय में विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसमें प्रदेश के सभी जिलों से उद्यानिकी किसानों को बुलाया गया है। साथ ही दूसरे प्रदेशों के सफल उद्यानिकी किसानों को अपने अनुभव मध्यप्रदेश के किसानों के साथ बाँटने के लिए आमंत्रित किया है।

पिछले 5 वर्ष में राज्य सरकार ने भण्डारण और प्र-संस्करण को बढ़ावा देने के लिए नवीन कोल्ड स्टोरेज स्थापित करवाये हैं। इसके फलस्वरूप आज प्रदेश में 8 लाख 60 हजार मीट्रिक टन भण्डारण की व्यवस्था उपलब्ध है। इसे और बढ़ाने के लिए खाद्य प्र-संस्करण नीति को और व्यावहारिक बनाया गया है।

उद्यानिकी विभाग द्वारा लहसुन की खेती पर किसान को अधिकतम 12 हजार 500 रुपये का अनुदान 2 हेक्टेयर तक दिया जाता है। यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। राज्य शासन द्वारा उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती, माइक्रो इरीगेशन, उन्नत प्रौद्योगिकी, जैविक प्रबंधन तथा फसलों पर प्रबंधन के लिए भी अनुदान दिया जा रहा है।