17 February 2019



प्रादेशिक
एम्स में बिना उपकरण हो रही मेडिकल की पढ़ाई
08-03-2013
केंद्रीय संस्थान होने के बाद भी भोपाल एम्स के मेडिकल विद्यार्थियों की पढ़ाई सिर्फ किताबी है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए जरूरी उपकरण अभी तक यहां नहीं आ सके हैं। जो उपकरण खरीदे भी गए हैं, उनकी गुणवत्ता भी उस स्तर की नहीं हैं। एम्स में अभी एमबीबीएस पहले साल की पढ़ाई चल रही है। ये विद्यार्थी जुलाई से दूसरे साल में पहुंच जाएंगे। फ‌र्स्ट ईयर के विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत भोपाल समेत सभी छह एम्स के लिए माडल उपकरणों की खरीदी की जानी थी। केंद्रीय स्तर पर इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया था, लेकिन कोई निविदाकार नहीं मिलने की वजह से यह टेंडर निरस्त कर दिया गया था।

इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी एम्स से कहा कि वे अपने स्तर पर टेंडर कर उपकरण खरीद सकते हैं। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिर से अपना फैसला बदलते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर सिर्फ जरूरी उपकरण ही खरीदे जाएं। केंद्र के फरमान के बाद एम्स भोपाल ने कुछ उपकरणों की खरीद जरूर की है, लेकिन वे माडल उपकरणों की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। एम्स सूत्रों ने बताया कि करीब दो करोड़ रुपये से एम्स में कुछ सामान खरीदे गए हैं, जिनमें विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए जरूरी उपकरण भी शामिल हैं। उपकरणों की खरीद नहीं होने से फ‌र्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को तो नुकसान हुआ ही है, सेकंड ईयर में पहुंचने पर भी उन्हें सीखने के लिए उपकरण नहीं मिलेंगे। साथ ही इस साल फ‌र्स्ट ईयर में आने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होना तय है। उपकरणों की सप्लाई नहीं हो पाने के कारण पीजी कोर्स शुरू करने में देरी हो रही है। एम्स में पीजी पाठ्यक्रम इस करीब छह महीने देर से या फिर अगले साल ही शुरू हो पाएगा।