17 February 2019



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मध्यप्रदेश की परियोजनाओं में अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम सहयोग करेगा
12-03-2013

अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम मध्य प्रदेश में जन-निजी भागीदारी के माध्यम से चिन्हित क्षेत्रों में परियोजनाएं विकसित करने में सहयोग करेगा। इस संबंध में आज यहां मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में एम.ओ.यू. किया गया। वित्त निगम का यह सहयोग मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा गतवर्ष की गयी अमेरिका यात्रा का सुफल है। श्री चौहान की बीते वर्ष यूएसए यात्रा के दौरान विश्व बैंक से इस संबंध में चर्चा हुई थी। अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम विश्व बैंक समूह की एक संस्था है जो मुख्य रूप से निजी क्षेत्र को वित्त पोषण का काम करती है। एम.ओ.यू. पर अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम की ओर से आईएफसी की जन-निजीभागीदारी सलाहकार सुश्री इजाबेल चेतरटन और राज्य शासन की ओर से आयुक्त संस्थागत वित्त श्री आशीष उपाध्याय ने हस्ताक्षर किये। इस मौके पर वित्त मंत्री श्री राघवजी, मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम, प्रमुख सचिव वित्त श्री अजयनाथ और मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि पीपीपी मॉडल अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने का सशक्त माध्यम है। इस दिशा में राज्य सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। प्रसन्नता का विषय है कि अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम के अनुभव का इसमें लाभ मिलेगा। निजी और शासकीय संस्थाओं में केपिसिटी बिल्डिंग एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। चिन्हित क्षेत्रों में किये गये इन कार्यों से विकास दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि विकास दर 18.91 प्रतिशत है। इसे बनाये रखने के लिये फसल पद्धति परिवर्तन और उद्यानिकी क्षेत्र में ध्यान दिया जा रहा है। र्‍र्‍श्री चौहान ने मध्यप्रदेश के संदर्भ में विश्व बैंक के सकारात्मक रूख की सराहना की।

मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम ने अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम से मध्यप्रदेश में उत्पादित गेहूँ तथा चावल के ब्रांडिग में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गेहूँ विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। यहां उत्कृष्ट श्रेणी के चावल का भी उत्पादन होता है। ब्रांडिंग से इन उत्पादों के अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिलेगी।

अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम की सुश्री चेतरटन ने कहा कि केपिसिटी बिल्डिंग में चिन्हित क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम महत्वपूर्ण सहयोग करती है। संस्था द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में जन-निजीभागीदारी के माध्यम से अधोसंरचनाएं विकसित की जायेगी। निजी क्षेत्र की सहभागिता से विकास की गति में वृद्धि होगी।

बताया गया कि आज किये गये एम.ओ.यू. के क्रियान्वयन के लिये प्रमुख सचिव वित्त की अध्यक्षता में प्रोग्राम स्टेयरिंग कमेटी गठित की जायेगी। इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम द्वारा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि व्यवसाय मुख्य रूप से खाद्यान्न भंडारण, नगरीय क्षेत्रों में जल प्रदाय तथा गरीब परिवारों के लिये आवासीय क्षेत्र में जन-निजीभागीदारी के माध्यम से परियोजनाएं विकसित की जायेंगी। अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम जन-निजीभागीदारी के क्षेत्र में परियोजनाएं क्रियान्वित करने वाले अधिकारियों की दक्षता में वृद्धि करने सहित चिन्हित क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये विधिक नियामक तथा आर्थिक वृद्धि में सहायक प्रस्ताव तैयार करेगा। इसी तरह जन-निजीभागीदारी की योजनाएं विकसित करने, जन-निजीभागीदारी परियोजनाओं के लिये प्रारंभिक व्यवहार्यता का अध्ययन, प्रक्रिया प्रबंधन, किसी विशिष्ट क्षेत्र की परियोजना तैयार करने में भी अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम का सहयोग प्राप्त होगा।