16 February 2019



राष्ट्रीय
टीवी से पहले घर में लैपटॉप, लाइफ बनी लल्लनटॉप
13-03-2013
खदरा के मुहम्मद फजल के घर अब तक टीवी नहीं है, लेकिन अब उसकी उंगलियां लैपटॉप पर फिसल रही हैं। मड़ियांव की निधि दो रात से सो नहीं पाई, पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे, रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं और पूरे मुहल्ले का घर पर मेला लगा है। यही हाल आकांक्षा, राशि, नुसरत, फजल, आसिफ, साहिबा और शबनम के घर भी है।

मुख्यमंत्री का हाथों जिन चुनींदा छात्र-छात्राओं को लैपटॉप मिले मुहल्ले में उनकी पहचान बढ़ गई है। पहले चरण में जिन दस हजार छात्र-छात्राओं को लैपटॉप मिला उनके घर भी नजारा बदला-बदला है। लैपटॉप मिलने के एक दिन पहले से बाद की रात तक नींद नहीं आई। कई के तो सपनों में भी लैपटॉप घूमता रहा। परिवार, रिश्तेदार और मुहल्ले के लोग हर कोई लैपटॉप की ही बातें कर रहा है। छोटे भाई-बहन लैपटॉप के गेम्स खंगालने में जुटे हैं तो घर के बड़ों को भी टेक्नोलॉजी का ककहरा सीखने की सहूलियत मिल गई है।

खदरा में दुकान पर काम करके दो जून की रोटी कमाने वाला मेधावी मोहम्मद फजल लैपटॉप लेकर घर पहुंचा तो सभी हैरान थे। आर्थिक तंगी की वजह से उसके घर में टीवी तक नहीं है। लैपटाप देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसकी मां मुहल्ले भर में लैपटाप घर आने की बात बता रही थी। उसकी आंखों में चमक के साथ खुशी के आंसू थे। उसे लग रहा था कि अब बेटा जरूर कुछ बड़ा करेगा।

चिकन का कारोबार करने वाले मेधावी आसिफ अनीस सोमवार को लैपटॉप मिलने के बाद वह घर पहुंचा तो मोहल्ले के लोग लैपटॉप देखने के लिए उसके घर पहुंच गए। राशि के लिए सोमवार का दिन यादगार बन गया जब मुख्यमंत्री के हाथों से लैपटॉप मिला। इस पल को टीवी पर लाइव देखना उसके माता पिता और भाई बहनों के लिए बेहद रोमांचक था। कुछ ऐसी ही खुशी और आत्मविश्वास शिया पीजी में बी कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा नुसरत के चेहरे पर है। मां सितवत जहां और पिता अमीरूद्दीन को इत्मिनान है कि अब बेटी घर में ही दुनिया भर की जानकारी पा लेगी, बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। आकांक्षा तो कहती है कि यह खुशी बयां कर पाना मुश्किल है।

वालपेपर बदलना सीखा

यकीन नहीं हो रहा कि अब मेरे पास लैपटॉप है। कंम्प्यूटर का थोड़ा ज्ञान पहले से था। लैपटॉप पर वालपेपर बदलना सीखा और एमएस ऑफिस के बारे में थोड़ी जानकारी जुटाई है।-फजल, शिया पीजी कॉलेज

हिंदी टाइपिंग सीखी

देर रात तक तीनों बहनें लैपटॉप के बारे में जानकारी लेने के लिए पास ही बैठी रहीं। मां व पिता को भी इसकी जानकारी दी। रात के वक्त लैपटॉप पर हिंदी टाइपिंग सीखने की कोशिश की। कुछ गाने लोड कराए थे जिन्हें सुना।-आसिफ अनीस, शिया पीजी कॉलेज

भाई-बहन नहीं छोड़ रहे

परीक्षाओं की टेंशन में अभी लैपटॉप पर ज्यादा कुछ नहीं किया। हालांकि सारे फीचर्स चेक कर चुकी हूं। फिलहाल छोटा भाई शिवम खेलने और छोटी बहन बहन रिया पेंटिग करने में जुटी हैं। दोनों लैपटॉप छोड़ ही नहीं रहे।-राशि, नवयुग कन्या महाविद्यालय

सारे सॉफ्टवेयर चेक किए

घर आकर सबसे पहले लैपटॉप के सभी सॉफ्टवेयर पर पड़ी। सभी सॉफ्टवेयर चेक किए। कुछ देर माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस पर काम किया और कुछ वॉलपेपर सेट किए। बहन हिना और भाई समीर गेम खेलने में व्यस्त हैं। -नुसरत, शिया पीजी कॉलेज

घर भर की फोटो खींची

लैपटॉप में वेब कैम ने काफी आकर्षित किया। मैंने घर में सबकी फोटो खींचकर सेव की है। ब्लूटूथ कनेक्ट नहीं हो पा रहा था। कुछ मनपसंद गाने डाउनलोड किए हैं। भाई शुभम गेम खेलने में जुटा है। एमएस ऑफिस में एक प्रेजेंटेशन भी बनाया है।-निधि मिश्रा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस महिला महाविद्यालय

पापा लगवा देंगे इंटरनेट

अब साइबर कैफे नहीं जाना पड़ेगा। कल से आज तक हमने गेम खेला, फोटो खींचे। पापा जल्द ही इंटरनेट भी लगवा देंगे। फिर काम और भी आसान हो जाएंगे। घर में दीदी भी इसका इस्तेमाल कर रही हैं। बहन ने अपने नाम का वालपेपर सेट किया है।-आकांक्षा द्विवेदी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस महिला महाविद्यालय

जुड़वा बहनें घर लाई दोहरी खुशी

छोटे से घर और साधारण माली हैसियत वाले रईस और शन्नो की जुड़वा बेटियों के घर दोहरी खुशी आई। दोनों बहनों, साहिबा और शबनम ने पिछले साल एक साथ इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी और सोमवार को दोनों को ही लैपटॉप मिला। अब वे करामत से स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं और साथ ही जॉब कर परिवार की आर्थिक मजबूती में भी योगदान करती हैं। दोनों को खुशी है कि अब उनकी राह और आसान हो जाएगी। नरही के डिप्टी रघुवर दयाल लेन में रहने वाली जुड़वा बहनों को सोमवार के इंतजार में रविवार रात नींद नहीं आई। हाथ में लैपटॉप आया तो आंखों में खुशी के आंसू झलक पड़े। स्ट्रीट लाइट की रोशनी में पढ़ी दोनो बहनों के लिए लैपटॉप दूर का सपना था। दोनों बहनों ने सोमवार दोपहर से ही लैपटॉप पर कुछ न कुछ सीखने की कोशिश की। अभी इंटरनेट की व्यवस्था न होने से दोनों ने लैपटॉप पर टाइपिंग कर हाथ साफ किया। मंगलवार भी वह लैपटॉप पर उंगलियां चलाती नजर आईं। लैपटॉप में लोड सरकार की योजनाओं को पढ़ने के साथ गेम का भी लुत्फ उठाया। दोनों बहनें कहती हैं कि लैपटॉप मिलने से अब पढ़ाई के साथ ही तकनीक का ज्ञान भी बढ़ जाएगा। छोटा भाई समीर जरूर इंटरनेट से वाकिफ है। अब वह भी खुश है और दिन में दोस्तों के साथ गेम खेलता नजर आया।

मुलायम-अखिलेश की याद दिलाता रहेगा

इंटर पास छात्र-छात्राओं को दिया गया लैपटॉप बड़े कमाल का है। इसमें विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ माइक्त्रोसॉफ्ट के अधिकतर सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जो पढ़ाई में मदद करेंगे। साथ यह लैपटॉप इस तरह प्रोग्राम किया गया है कि इसे खोलते ही मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तस्वीर उभरती है। यानी, यह हमेशा याद दिलाता रहेगा कि यह तोहफा कहां से मिला है। इसे हटाया नहीं जा सकता। लैपटॉप के ऊपर \'पूरे होते वादे\' का लोगो लगा है।

ये हैं फीचर्स :

-खुलने से पहले आता है मुलायम और अखिलेश यादव का स्क्रीन डिस्पले

-विंडोज 7 वाले इस लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का 2010 वर्जन दिया गया है जो प्रेजेंटेशन के लिए 2007 से बहुत अच्छा है।

-पढ़ते-पढ़ते थक जाएं तो कार रेसिंग, पॉकर सुपरस्टार-3, ब्लैकहॉक स्ट्राइकर, फाइनल ड्राइव फरी जैसे ढेरों मजेदार गेम्स हैं। इनमें कुछ आप इंटरनेट से डाउनलोड करने के बाद ही खेल पाएंगे।

- विंडोज लाइव मेल, विंडोज मैसेंजर, फोटो गैलरी, अडोब रीडर, मूवी मेकर जैसे कई महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर के सेटअप दिए गए हैं। हालांकि यह सेटअप अलग से सॉफ्टवेयर लोड करने पर ही काम करेंगे।

-लैपटॉप में ब्लूटूथ की सुविधा भी दी गई है। इससे फोन के जरिए गाने व अन्य सामग्री लोड कर सकते हैं या ट्रांसफर कर सकते हैं।