16 February 2019



राष्ट्रीय
पाक की काली करतूत पर भड़की संसद, अब सबक सिख्रा दो!
15-03-2013
पाक अपने नापाक इरादे हर वक्त दिखाता रहता है। वह हर वह काम करता है जिससे भारत को उकसाया जा सके। अब पाकिस्तान ने कश्मीर के मसले पर फिर भारत को उकसाने की कोशिश की है। पाक की संसद ने अफजल गुरु को फांसी देने के मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव पारित किया। तो भारत ने भी कड़ा एतराज जताया है। पाकिस्तान को हद में रहने की नसीहत तक दे डाली। सूत्रों के मुताबिक, संसद में पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव आएगा। इसका ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। अफजल-पाक निंदा प्रस्ताव के जवाब में यशवंत सिन्हा प्रस्ताव रखेंगे। संसद में सभी राजनीतिक दलों ने पाक के निंदा प्रस्ताव की आलोचना की है। भाजपा ने संसद में पाकिस्तान द्वारा पारित अफजल पर निंदा प्रस्ताव पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि सरकार तय करे कि पाकिस्तान से कैसे निपटना है? भाजपा नेता अरूण जेटली ने राज्य सभा में कहा कि पाकिस्तान का यह कृत्य आतंकवाद पर मुहर है। आज राज्य सभा में जेटली ने कहा कि पाकिस्तान ने सारी सीमाएं तोड़ दी है अब सरकार तय करे कि पाकिस्तान से कैसे निपटना है? पाकिस्तान से रिश्ते पर गंभीरता से विचार हो। वहीं, बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने भी लोकसभा में पाकिस्तान के इस कदम पर प्रश्नकाल स्थगित कर चर्चा का नोटिस दिया। सिन्हा का कहना है कि पाकिस्तान ने अफजल गुरु के मामले पर अपनी संसद में जो प्रस्ताव जारी किया है, वह हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं होगा और इस मामले पर संसद में चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव पास होना चाहिए। गौरतलब है कि भारतीय संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु की फांसी पर पाकिस्तानी संसद में पारित प्रस्ताव पर भारत ने तीखा एतराज जताया है। श्रीनगर में पाकिस्तानी साजो-सामान के साथ आए आत्मघाती आतंकियों के हमले के ठीक दूसरे दिन पाकिस्तानी संसद के इस कदम पर आपत्ति के साथ भारत ने कहा है कि पाकिस्तान अपने घर की हद में रहे तो बेहतर होगा। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान संसद का प्रस्ताव भारत के घरेलू मामलों में बेवजह दिलचस्पी है। अच्छा होगा पाकिस्तान अपने घर के मामलों तक ही अपने को सीमित रखे। महत्वपूर्ण है कि बीते कुछ समय से पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को उछालने के लिए खासी बेताबी दिखानी शुरू की है। जनवरी में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ कर दो भारतीय जवानों की गर्दन रेतने की करतूत अंजाम देने से लेकर मामले को संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक देशों के मंच पर उठाने के साथ ही घाटी में आतंकी आग सुलगाने की कोशिश के अलावा अफजल की फांसी को लेकर प्रस्ताव पारित कर भारत के जख्मों को कुरेदा है। पाकिस्तान के लगातार बढ़ रहे हौसलों ने एक बार फिर सरकार की पाक नीति को ही सवालों में ला दिया है। बीते दिनों भारत आए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अगवानी में भारत ने मेजबानी की मिसाल कायम की थी। वहीं अशरफ की सरकार ने संसद में इस मेजबानी के बदले भारत के एक आतंकी गुनाहगार को दी गई सजा पर भी निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। पाकिस्तानी संसद के इस प्रस्ताव पर कड़ा एतराज जताते हुए संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पड़ोसी मुल्क की संसद का यह कदम सर्वथा अनुचित है। महत्वपूर्ण है कि रिश्ते सुधारने की कवायद में बीते दिनों भारत और पाकिस्तान की संसदों के बीच भी तालमेल बढ़ाने की मीठी-मीठी बातें हुई थीं।