19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सिखों व हिंदुओं के खिलाफ घृणा अपराधों का रिकॉर्ड रखे एफबीआइ
25-03-2013
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जॉन गैरामेंडी ने संघीय जांच एजेंसी [एफबीआइ] को हिंदुओं, सिखों और सऊदी अरब के लोगों के खिलाफ होने वाले घृणा अपराधों का रिकॉर्ड रखने को कहा है। जॉन उन सौ से अधिक सांसदों के समूह में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने घृणा अपराध को लेकर एफबीआइ को पत्र लिखा है। जॉन ने कहा, सिख, हिंदू, मुस्लिम और सऊदी अरब के लोग इस डर के साथ जीते हैं कि कोई भी घृणा अपराध करने वाला व्यक्ति उनके जीवन पर विराम लगा सकता है। एफबीआइ को इन घृणा अपराधों का रिकॉर्ड रखने की जरूरत है ताकि इसके खतरे के बारे में सही जानकारी मिल सके। कई अमेरिकी सांसदों ने पिछले सप्ताह एफबीआइ एडवाइजरी बोर्ड को इस संबंध में एक पत्र भेजकर अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले घृणा अपराधों पर नजर रखने और उनका रिकॉर्ड रखने का समर्थन किया था। मौजूदा समय में एफबीआइ की घृणा अपराधों से संबंधित रिपोर्ट में हिंदुओं, सिखों और अरब अमीरात के लोगों के लिए अलग से कोई श्रेणी नहीं बनाई गई है। इस रिपोर्ट में कानून प्रवर्तन मंत्रालय अपने आंकड़े दर्ज करता है। जॉन द्वारा जारी बयान में कहा गया है, हम अमेरिकी व‌र्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के 2,977 पीड़ितों को कभी नहीं भूल पाएंगे। मगर इस मामले में हम 2,978 वें पीड़ित बलबीर सिंह सोढ़ी को भी नहीं भूल पाएंगे। बलबीर को 15 सितंबर, 2001 को अरीजोना के मेसा में मुसलमान समझ कर गोली मार दी गई थी। यह एक घृणा अपराध था। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के लोगों को अक्सर घृणा अपराध का शिकार बनाया जाता है।