22 February 2019



प्रादेशिक
50 सीटों पर समझौते के मूड में सपा
25-03-2013
साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा तीसरा मोर्चा बनाकर मैदान में उतरेगी। इसके लिए पार्टी ने चार दलों से बात करके मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति बना ली है। सपा 50 सीटों पर समझौता करने का मूड बना चुकी है। ये सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी। इसके बाद ही सपा अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान करेगी। साथ ही पार्टी ने तय किया है कि वह प्रदेशभर में ओबीसी सम्मेलन करेगी। टिकट की चाह रखने वाले नेताओं को एक माह में 15 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। सपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को संभावित तीसरे मोर्चे की बैठक हुई। इसमें समानता दल, सीपीआई, सीपीएम और सपा के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में करीब पचास सीटों पर बात हुई। सपा प्रदेशाध्यक्ष गौरीसिंह यादव ने बताया कि पार्टी इन सीटों को सहयोगी दलों को देने के लिए तैयार है। कुछ सीटों पर समानता दल के साथ विवाद जरूर है, लेकिन इसे सुलझा लिया जाएगा। तीसरे मोर्चे में गोंडवाना पार्टी [हरिसिंह मरकाम] भी शामिल होगी। इसके बैठक में हिस्सा न ले पाने की वजह से मोर्चे के स्वरूप पर अंतिम बैठक 28 मार्च को होगी। वहीं, पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति विधायक विश्रामगृह के सभागार में हुई। इसमें तय किया गया कि प्रदेशभर में ओबीसी सम्मेलन किए जाएंगे। टिकट की चाह रखने वाले नेताओं को 15 हजार सदस्य बनाने होंगे। इसके लिए नेताओं को एक माह का और समय दिया गया है। यादव ने बताया कि इतने सदस्य बन जाने पर हमारे हर बूथ पर सौ सदस्य हो जाएंगे। जपा सरकार से प्रकृति भी नाराज सपा प्रदेशाध्यक्ष गौरीसिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार से जनता ही नहीं प्रकृति भी नाराज है। इसलिए भाजपा के शासनकाल में अत्याचारों के साथ प्राकृतिक आपदाएं भी बढ़ गई हैं। पाला-ओला से किसानों की कमर टूट गई है और मुख्यमंत्री सिर्फ घोषणाएं कर रहे हैं। अभी तक राहत देने का सिलसिला भी शुरू नहीं हुआ है। बलात्कार से लेकर अन्य तरह के अपराधों में तेजी से इजाफा हो रहा है।