18 February 2019



प्रादेशिक
केंद्र को नहीं भेजा वार्षिक योजना का मसौदा
26-03-2013
प्रदेश की सालाना योजना का मसौदा केंद्रीय योजना आयोग को अभी तक नहीं भेजा सका है। राज्य योजना आयोग को इसे 15 फरवरी तक भेजना था लेकिन योजना बुक की लिखा-पढ़ी ही अभी तक पूरी नहीं हुई है। चेप्टर लिखने का काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद पुस्तिका छापकर आयोग को भेजी जाएगी।

इस बार प्रदेश की ओर से 32 हजार करोड़ रुपए की योजना बनाकर भेजी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा के बजट सत्र की व्यस्तता का हवाला देते हुए विभागों ने योजनाओं के प्रस्ताव भेजने में देर की। इसकी वजह से आयोग चाहकर भी सालाना रिपोर्ट समय पर तैयार नहीं कर पाया।

दरअसल, रिपोर्ट में पिछले सालों के बजट प्रावधान, भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों को आधार बनाते हुए आगामी योजना में किए जा रहे प्रावधानों का कारण सहित ब्यौरा दिया जाता है। इसमें यह भी बताया जाता है कि योजना प्रावधानों से क्या लक्ष्य हासिल किए जाएंगे।

सभी विभागों के प्रस्ताव मिले

अधिकारियों ने बताया कि विभागों पर प्रस्ताव भेजने का दवाब बनाने के बाद अब सभी विभागों के प्रस्ताव आ गए हैं। इन्हें शामिल करते हुए रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। वैसे आयोग को 2013-14 में किए जा रहे योजना के प्रावधानों के आंकडे़ भेजे जा चुके हैं।

अप्रैल-मई में होगा विचार

बताया जा रहा है कि आयोग में योजना पर विचार अप्रैल-मई में होगा। इसमें प्रमुख विभागों के आला अधिकारी योजना आयोग के विशेषज्ञों के साथ चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री और आयोग के उपाध्यक्ष की बैठक होगी। इसमें सूबे की सलाना योजना पर मुहर लगाई जाएगी। इसमें उम्मीद है कि प्रदेश को बेहतर प्रदर्शन के चलतते दो-तीन सौ करोड़ रुपए केंद्र की ओर से अतिरिक्त मिल जाएं।