19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अदालत परिसर में मुशर्रफ पर फेंका गया जूता
29-03-2013
आम चुनावों में भाग लेने के लिए स्वदेश लौटे पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की अग्रिम जमानत की अवधि 15 दिन बढ़ाते हुए सिंध हाई कोर्ट ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। इसी बीच अदालत से बाहर आते मुशर्रफ पर एक गुस्साए वकील ने जूता फेंक दिया। हालांकि यह जूता उन्हें लगा नहीं और वह कड़े सुरक्षा पहरे में बाहर निकल गए।

जूता फेंकने वाले वकील की पहचान तजम्मुल लोधी के रूप में हुई है। लोधी ने कहा कि वह अपनी मां को खुश करना चाहता था, जो वर्ष 2007 में लाल मस्जिद पर हुई सैन्य कार्यवाई के बाद से मुशर्रफ से नफरत करती थीं। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मुशीर आलम ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। 69 वर्षीय मुशर्रफ अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ाए जाने को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के लिए अदालत में पेश हुए थे।

एक सदस्यीय पीठ ने कई मामलों में उनकी अग्रिम जमानत का समय 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इनमें वे मामले भी शामिल हैं जिनमें मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित किया गया है। इसके अलावा उनके देश छोड़कर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अदालत के बाहर लोगों में काफी गुस्सा देखा गया। वकीलों के समूह और मानवाधिकार समूहों के लोग मुशर्रफ के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

पाकिस्तान रेंजर्स के सुरक्षाकर्मियों ने लोधी के खिलाफ किसी भी तरह का मामला दर्ज किए जाने से इन्कार किया है। जियो टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, लोधी को किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है। मुशर्रफ पर जूता फेंके जाने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2011 में ब्रिटेन में एक बैठक को संबोधित करने के दौरान भी उन पर जूता फेंका गया था।

चार साल के स्व निर्वासन में रह रहे मुशर्रफ की स्वदेश वापसी का रास्ता उस समय साफ हो गया था, जब हाई कोर्ट ने गत 22 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत की अवधि दस दिन के लिए बढ़ा दी थी। हाई कोर्ट ने मुशर्रफ को बेनजीर भुट्टो और बलूच नेता अकबर बुगती हत्याकांड में भी अग्रिम जमानत दे दी है। मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने अपनी वापसी के लिए किसी से कोई समझौता नहीं किया है।