24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चरमपंथियों को नहीं बख्शेगा म्यांमार: सेन
29-03-2013
म्यांमार कई महीनों से दंगों की आग में झुलसा हुआ है। देश के राष्ट्रपति थीन सेन ने धार्मिक चरमपंथियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। बौद्ध व मुस्लिम समुदाय के बीच देश में जगह-जगह तनाव बना हुआ है। सेन ने कहा कि धार्मिक चरमपंथियों व उनका राजनीतिक फायदा उठा रहे लोगों को मेरी चेतावनी है कि सरकार कड़े कदम उठाएगी। मध्य म्यांमार में 20 मार्च से शुरू हुए दंगों में अब तक 40 लोग मारे जा चुके हैं और करोड़ों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। लोगों के दिलों में नफरत पैदा की जा रही है। ऐसा करके कुछ लोग फायदा उठा रहे हैं। मैं समस्याओं को ताकत के जरिए नहीं सुलझाना चाहता। लेकिन, यदि देश को दंगों की आग में जलाने की कोशिश हुई तो सेना के इस्तेमाल से मैं पीछे नहीं हटूंगा। हमें जनता और आम लोगों की संपत्ति की हिफाजत किसी भी कीमत पर करनी है। हिंसा करने वालों को कानून के दायरे में सजा दिलाई जाएगी। सोना बेचने वाली दुकान में हुई बहस से भड़के दंगों में अब तक कई घरों को आग लगाई जा चुकी है। बुधवार को सुरक्षाबलों ने कई जगह हवाई फायर किए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई जगह संगठित तरीके से अपराध किए गए। सेन सरकार के समक्ष पिछले साल से ही धार्मिक हिंसा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। राजनीतिक सुधारों से मिली अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा दंगों की आग में अब धूमिल पड़ती जा रही है। सेन ने कहा कि प्रजातंत्र की ओर बढ़ने के दौरान ऐसी समस्याएं आती हैं। हालांकि, इसका पूर्ण समाधान जल्द किया जाएगा। अमेरिका ने जताई चिंता] वाशिंगटन। म्यांमार में जारी सांप्रदायिक हिंसा पर अमेरिका ने चिंता जताई है। विदेश विभाग के प्रवक्ता पेट्रिक वेंट्रेल ने कहा कि ओबामा सरकार चिंतित है। राजधानी के पास ही लगातार हिंसा हो रही है। हमने म्यांमार सरकार से मानवाधिकारों व कानून की रक्षा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा है।