18 February 2019



खेलकूद
कप्तान हों या ना हों, विस्फोटक वीरू को नहीं पड़ता कोई फर्क
30-03-2013
इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के सदस्य वीरेंद्र सहवाग के प्रदर्शन पर कप्तानी का कोई दबाव नहीं पड़ता। सीजन 6 की शुरुआत से पहले सहवाग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे कप्तानी और प्रदर्शन को अलग-अलग नजर से देखते हैं। उनके प्रदर्शन पर कप्तानी का कोई दबाव नहीं पड़ता। जब उनसे पूछा गया कि कहीं बल्लेबाजी प्रभावित होने के कारण ही तो उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी नहीं छोड़ दी, तो सहवाग ने कहा कि जब मैंने टीम की कप्तानी की तो कभी भी अपनी बल्लेबाजी पर दबाव महसूस नहीं किया। एक कप्तान के रूप में मुझपर कोई दबाव नहीं आया। मेरी बल्लेबाजी का स्टाइल हमेशा की तरह ही रहा। उसमें कोई परिवर्तन नहीं आया। सहवाग ने कहा कि उनकी नजर में कप्तानी और खिलाड़ी का प्रदर्शन दोनों अलग-अलग हैं। उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वे टीम की कप्तानी कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर आपको यह लगता है कि कप्तानी के बाद काफी दबाव आ जाता है तो आप पिछले सीजन में मेरी बल्लेबाजी को देख लीजिए। पिछले सीजन में मैंने लगातार पांच अर्धशतक जमाए थे और टूर्नामेंट में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाला खिलाड़ी बना था। गौरतलब है कि आइपीएल सीजन 5 में सहवाग ने 495 रन बनाए थे। साथ ही सहवाग ने घुटने की चोट के कारण आइपीएल में हिस्सा नहीं ले रहे केविन पीटरसन के बारे में कहा कि टीम को उनकी कमी खलेगी। उन्होंने कहा कि केपी बहुत बड़े खिलाड़ी हैं, जो कई मौकों पर टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।