19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
मलेशिया के प्रधानमंत्री ने भंग की संसद
03-04-2013
मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने चुनाव की मांग करते हुए बुधवार को संसद भंग कर दी। चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन के 56 वर्ष के शासन को कड़ी चुनौती मिल सकती है। टेलीविजन पर अपने भाषण में नजीब ने कहा, \'बुधवार सुबह मैं नरेश से मिला और संसद भंग करने के लिए उनकी स्वीकृति मांगी। संसद भंग करने से देश में 13वें आम चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा।\' कई महीने से चुनाव की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि चुनाव आयोग शीघ्र ही चुनाव की तिथियों की घोषणा करेगा। मलेशिया में दो जून से पहले चुनाव कराए जाने हैं। नजीब ने नेगरी सेमबिलान, सरावक को छोड़कर सभी राज्य सरकारों को सलाह दी है कि वे अपनी असेंबलियों को भंग कर दें ताकि राज्यों में भी देश में होने वाले आम चुनाव के साथ ही चुनाव कराए जा सकें। सेमबिलान असेंबली 28 मार्च को भंग हो चुकी है। 1957 में मलेशिया की स्वतंत्रता के बाद से देश में बारिसन नैसिओनल गठबंधन का शासन रहा है। इसे चुनाव में तीन दलों के विपक्षी गठबंधन पकतान रकयात [पीपुल्स पैक्ट] से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। इसका नेतृत्व पूर्व उपप्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम कर रहे हैं। बारिसन का वर्तमान जनादेश 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। मलेशिया की संसद में 222 सीटें हैं, जिनके लिए जनादेश प्राप्त करना होता है।