15 February 2019



राष्ट्रीय
काटजू ने की एसीपी के हत्यारे को रिहा करने की अपील
06-04-2013
भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने आंध्र प्रदेश सरकार से एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या करने वाले पूर्व कांस्टेबल को रिहा करने की अपील की है। कांस्टेबल अब्दुल कादिर 22 साल से जेल में है। काटजू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी को चिट्ठी लिखकर 51 वर्षीय कादिर को मानवीय आधार पर रिहा करने की मांग की है। मधुमेह के कारण कादिर का एक पैर काटा जा चुका है। एक उर्दू सम्मेलन के दौरान काटजू ने रेड्डी को बताया, \'इसमें कोई शक नहीं कि अब्दुल कादिर ने जघन्य अपराध किया था। उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए थी और उसे मिली। वह जेल में 22 साल बिता चुका है। उसका एक पैर काटा जा चुका है। जब उसने अपराध किया था, तो वह युवा था। अब बूढ़ा हो चुका है। उस पर कुछ दया दिखाई जानी चाहिए।\' सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री को शेक्सपियर के एक वक्तव्य की याद दिलाते हुए कहा कि न्याय में दया शामिल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप कादिर पर दया दिखाएंगे तो आपकी प्रतिष्ठा आकाश को छूएगी। कांस्टेबल अब्दुल कादिर ने दिसंबर, 1990 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान हैदराबाद में सहायक पुलिस आयुक्त एन. सत्या की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के दो साल बाद एक अदालत ने कादिर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कार्यक्रम के दौरान काटजू लोगों को यह बताना नहीं भूले कि उन्होंने देश के विभिन्न जेलों में लंबे समय से बंद कैदियों को रिहा कराने के लिए \'कोर्ट ऑफ लास्ट रिजॉर्ट\' नाम से एक एनजीओ शुरू किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि उर्दू और संस्कृत भारत की संस्कृति हैं, जो देश को एकता के सूत्र में बांधती हैं। उन्होंने दोनों भाषाओं को कक्षा तीन से सात तक अनिवार्य करने का सुझाव भी दिया।