17 February 2019



प्रादेशिक
मैं तो चाहता हूं सबको टिकट मिले: शिवराज
06-04-2013
भाजपा विधायकों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वन टू वन चर्चा दूसरे दिन भी जारी रही। गुरुवार को वह जबलपुर, भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर और उज्जैन संभाग के पार्टी विधायकों रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं आप सबको टिकट मिले और सभी जीत कर आएं। लेकिन कुछ कमजोरियां हैं उन्हें समय रहते ठीक कर लें। वैसे सर्वे रिपोर्ट में एक तिहाई टिकट बदलने का मशविरा दिया गया है। बुधवार को सागर संभाग के कुछ विधायकों से चर्चा शेष रह गई थी। मुख्यमंत्री सबसे पहले उनसे रूबरू हुए, फिर उन्होंने अन्य संभाग के विधायकों से उनके क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बातचीत आगे बढ़ाई। उन्होंने विधायकों से यह भी कहा कि मैं तो चाहता हूं आप सभी को फिर से टिकट मिले और आप लोग जीत कर आएं। इसके साथ ही उन्होंने सभी क्षेत्रों की सर्वे रिपोर्ट भी विधायकों के सामने रख दी। रिपोर्ट में हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के लिए सकारात्मक और नकारात्मक बिन्दुओं पर फोकस किया गया है। साथ ही उन क्षेत्रों में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के सकारात्मक पक्ष को भी हाईलाइट किया गया है। विधायकों से बातचीत का क्रम देर पूरे दिन जारी रहा। शाम को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राजधानी के निगम-मंडल अध्यक्षों को भी पार्टी कार्यालय में बुलाया। उन्हें भी आगामी चुनाव के मद्देनजर सक्रियता बढ़ाने की समझाइश दी गई। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को फीडबैक से अवगत कराते हुए कहा कि जातीय समीकरणों पर विशेषष ध्यान दें। मौजूदा विधायक की कमजोरियों को रेखांकित करते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट के टिप्स भी सुझाए हैं। साथ ही रोटरी, लायंस एवं लियो क्लब के अलावा गायत्री परिवार जैसी संस्थाओं से निकटता बढ़ाने को भी कहा गया है। विधायकों को अपनी बॉडी लेंग्वेज सुधारने और व्यवहार में अतिरिक्त विनम्रता का पुट बढ़ाने की नसीहत भी दी गई है। हर समुदाय में अपनी घुसपैठ बढ़ाएं तभी 10 फीसदी वोट बढ़ाने और तीसरी बार सत्ता में लौटने का संकल्प पूरा हो पाएगा। विधायकों से उनके क्षेत्र की समस्याएं और सुझाव भी लिखकर देने को कहा गया है। बदलेंगे एक तिहाई टिकट बताया जाता है कि सर्वे रिपोर्ट में एक तिहाई टिकट बदले जाने का सुझाव सामने आया है। पार्टी हाईकमान के सामने यह धर्मसंकट भी है कि रिपोर्ट को कितनी तरजीह दी जाए। अत: यह उपाय निकाला गया है कि एक बार फिर सभी को रूबरू चर्चा में सचेत कर दिया जाए। इसके बाद कतिपय निष्क्रिय लोगों को अलग से भी अल्टीमेटम दे दिया जाएगा। सत्ता और संगठन प्रमुख की मौजूदगी में दो दिन तक चली सभी विधायकों के साथ वन टू वन चर्चा से यह संकेत भी चला गया कि अब जिन लोगों के टिकट कटेंगे अथवा बदलेंगे वे जरूरी थे। इस बाबद सभी को पहले ही उनके क्षेत्र का आइना दिखा दिया गया था, जिससे बाद में असंतोष की गुंजाइश न रहे।