17 February 2019



प्रादेशिक
केन्द्र की कटौती के बावजूद मध्यप्रदेश ने बढ़ाया कर राजस्व - मुख्यमंत्री श्री चौहान
08-04-2013

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के कर राजस्व में कमी करने के बावजूद प्रदेश ने अपना राजस्व संग्रहण ढांचे को मजबूत कर राजस्व बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल प्रदेश के हिस्से के करीब 800 करोड़ रूपयों की कटौती की गई थी। इस साल करीब 1000 करोड़ की कटौती संभावित है। श्री चौहान आज यहाँ अपने निवास पर एक मीडिया संस्थान द्वारा समाज को शिक्षा के क्षेत्र में दिशा देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के जीवन एवं योगदान पर प्रकाशित पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

चालीस पृष्ठों की इस पुस्तिका में शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ठ उपलब्धियां हासिल करने वाले और क्षेत्र विशेष को नेतृत्व देने वाले नामी व्यक्तित्व का वर्णन किया गया है। इनमें मुख्य रूप से डेली कॉलेज इन्दौर के प्रिसिंपल श्री सुमेर सिंह, पटेल ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति पटेल, श्रीमती मेघा विजयवर्गीय, श्री संजीव अग्रवाल, श्री विशाल दीक्षित, श्री रोहित जैनेन्द्र जैन, श्री संजय खेमसरा, श्री बदाम सिंह यादव, डॉ. पंकज गुप्ता, श्री सुरेन्द्र मित्तल, श्री माधव गुप्ता, श्री सुरेश भदौरिया और श्री रवीन्द्र खण्डेलवाल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के जिस हिस्से में सकारात्मक काम हो रहे हैं उन्हें लोगों के सामने लाने की जिम्मेदारी मीडिया सहित सभी जिम्मेदार लोगों की है। उन्होंने प्रेरणादायी प्रकाशन को सकारात्मक कदम बताते हुये कहा कि इससे दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिये उठाये गये कदमों और नवाचारी व्यवस्थाओं की चर्चा करते हुये कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद प्रदेश ने अपनी विकास दर को बढ़ाने में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा कान्ट्रेक्टर योजना की चर्चा करते हुये कहा कि सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या और किसी एक क्षेत्र में नौकरी की संभावनाएं कम होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुये अन्य क्षेत्रों में विकास की आवश्यकता है। युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिये जहाँ विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बढ़ी हुई विकास दर में कृषि क्षेत्र में हुई वृद्धि का प्रमुख योगदान है। लेकिन सिर्फ खेती पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करने के लिये व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया गया है। इससे भ्रष्टाचार की संभावना पर नियंत्रण हुआ है। श्री चौहान ने कहा कि कौशल उन्नयन को उद्योग के साथ जोड़कर स्थानीय स्तर पर कौशल सम्पन्न जनशक्ति तैयार की जायेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं की शिक्षा और विकास में सहभागिता की जरूरत बताते हुये श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित करने से समाज के शैक्षणिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस अवसर पर मीडिया संस्थान के प्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले व्यक्तियों को ट्राफी भेंट की।