24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
ऑयरन लेडी
09-04-2013

ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री और पिछली सदी में ब्रिटेन की सबसे लंबे समय तक लगातार तीन बार प्रधानमंत्री (उन्नीस सौ उन्नासी से उन्नीस सौ नब्बे) रहने का रिकॉर्ड बनाने वाली मारग्रेट थैचर को ऑयरन लेडी के रूप में जाना जाता है।

निजी जीवन:

-13 अक्टूबर, 1925 को जन्मीं मारग्रेट हिल्डा रॉबर्ट्स ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से रिसर्च कैमिस्ट की डिग्री लेने के बाद 1954 में वकालत की परीक्षा पास की। पिता अल्फ्रेड रॉबटर््स ग्रांथम शहर के मेयर थे।

-1951 में समृद्ध बिजनेसमैन डेनिस थैचर से शादी की। उनके एक पुत्र और पुत्री है। डेनिस की 2003 में मृत्यु हो गई।

सियासी सफर:

-कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के रूप में 1959 में उत्तरी लंदन के फिंचले से पहली बार संसद सदस्य बनीं। 1992 तक लगातार उस सीट से जीतती रहीं।

-प्रधानमंत्री हैरोल्ड मैकमिलन (1957-1963) के कार्यकाल में वह पहली बार पेंशन मामलों की जूनियर मंत्री बनीं।

-एडवर्ड हीथ की सरकार (1970-1974) में वह शिक्षा मंत्री रहीं।

नेतृत्व:

-1974 में हीथ सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद थेचर ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व के लिए हीथ को चुनौती दी और आश्चर्यजनक रूप से विजयी रहीं। नतीजतन वह 1975 में प्रमुख विपक्षी नेता बनीं। 1979 में पार्टी के सत्ता में आने के बाद वह पहली बार प्रधानमंत्री बनीं।

-सत्ता में आने के बाद उन्होंने सरकारी कंपनियों के निजीकरण की वकालत की। ट्रेड यूनियनों में सुधार किया। टैक्स घटाया और सामाजिक खर्च को कम किया। उनकी नीतियों की वजह से मुद्रास्फीति घटी लेकिन उनके दौर में बेरोजगारी बढ़ी।

विदेश नीति:

-साम्यवाद का विरोध किया। बाजार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया। लिहाजा अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन से बेहतर संबंध रहे। थेचर ने सुधारवादी सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचेव के बढ़ते कद का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके चलते सोवियतों ने उनको ऑयरन लेडी का खिताब दिया।

तीसरा कार्यकाल:

-1987 के आम चुनावों में वह जीत तो जरूर गई, लेकिन घरेलू स्तर पर उनकी नीतियों के प्रति असंतोष बढ़ने लगा था। लिहाजा नवंबर, 1990 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और जॉन मेचर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने। 1992 में उन्होंने हाउस ऑफ कामंस को छोड़ दिया। 2002 में बीमारियों के चलते सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लिया।

शक्तिशाली होना महिला होने के समान है। यदि इसके लिए आपको बताना पड़े तो इसका मतलब है कि आप ऐसे नहीं हैं। - -मारग्रेट थैचर

शक्तिशाली महिलाएं : एक दौर था जब दुनिया के दो छोर पर ऑयरन लेडी के नाम से मशहूर महिलाएं प्रधानमंत्री थीं। यदि यूरोप में थैचर का दबदबा था तो भारतीय उपमहाद्वीप में इंदिरा गांधी के नाम का डंका बज रहा था। थैचर जहां 1979 में प्रधानमंत्री बनीं वहीं 1980 के आम चुनावों में इंदिरा गांधी ने शानदार प्रदर्शन कर सत्ता में वापसी की।