16 February 2019



खेलकूद
अब आईपीएल में तड़का लगाएगा मौसम, आज होगा प्रयोग
10-04-2013
चंडीगढ़। ज्यादा कमाऊ और बिकाऊ खेल क्रिकेट में अब मौसम रंग भरेगा! हवा का दबाव, पिच पर उसकी दिशा और नमी या सूखेपन की स्थिति की पूर्व सूचनाओं के जरिए मौसम विज्ञान आईपीएल क्रिकेट मैचों की रौनक और जीत-हार का रोमांच बढ़ाने में मददगार साबित होगा। मौसम केंद्र ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के महानिदेशक डा. एलएस राठौर ने मंगलवार को आईपीएल मैच बुलेटिन जारी करने की पुष्टि करते हुए कहा कि पहले पहल पीसीए मोहाली में खेले जा रहे मैचों में यह प्रयोग किया जाएगा और इसके पश्चात इसे देशभर में होने वाले आईपीएल मैचों की सीरिज से जोड़ा जाएगा। स्टेडियम में डिस्पले बोर्ड पर मौसम का ब्योरा होगा। मौसम विभाग इस सुविधा के लिए अभी कोई शुल्क नहीं लेगा। बहरहाल, आईपीएल मैचों से संबंधित विशेष बुलेटिन और प्रति 3 घंटे की अग्रिम मौसम सूचनाओं को प्रसारित करने से न सिर्फ क्रिकेट टीमों को स्थितियां भांपने और नए लक्ष्य निर्धारित करने में मदद मिलेगी, बल्कि मैच खेले जाने के लिए उपयुक्त स्थितियों के बारे में खेल प्रबंधन को भी पहले ही सटीक जानकारियों का लाभ मिलेगा। मौसम विभाग की यह अनूठी पहल है। हर तीन घंटे का पूर्वानुमान डा. राठौड़ ने कहा कि तीन घंटे के पूर्वानुमान (नाउ कास्ट) के कई फायदे हैं, घर से निकलते या रास्ते में आगे की स्थिति से आप जुड़े रहते हैं। यात्रा में निकले और निकलने को तैयार लोगों के लिए यह जानकारियां मददगार साबित होती हैं। 7 दिन से महीने भर का पूर्वानुमान जल् सूखे के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसानों के लिए वर्तमान में 5 दिन का पूर्वानुमान दिया जा रहा है और हमारा लक्ष्य 7 से 10 दिनों व मासिक पूर्वानुमान देने का है। डा. राठौड़ ने कहा कि पंजाब सरकार के साथ मिलकर कृषि संबंधी सटीक पूर्वानुमानों के लिए एक अध्ययन पर भी काम हो रहा है। इनसेट- 3डी से खिलेगा मौसम! इसी जुलाई में लांच होने वाले सेटेलाइट 3डी से मौसम विज्ञान में आधुनिकीकरण को गति मिलेगी। अध्ययन, संग्रहण व गणना के लिए अभी 8 आप्शन हैं- 3डी से 22 तरह के विकल्प विज्ञानियों को उपलब्ध होंगे। वर्टीकल डाटा जुटाने की सुविधा और सुलभ हो जाएगी। किसी मौसम में कौन सी बीमारी फैलती है यह सटीक जानकारी दे जा सकेगी। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि मानसून का पूर्वानुमान अप्रैल के तीसरे हफ्ते में घोषित होगा। इस बार स्थिति न्यूट्रल बनी हुई है।