16 February 2019



राष्ट्रीय
सेबी के समक्ष पेश हुए सहारा प्रमुख सुब्रत राय
10-04-2013
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय एवं समूह के तीन अन्य शीर्ष अधिकारी बुधवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड [सेबी] के समक्ष पेश हुए। यह मामला तीन करोड़ से ज्यादा निवेशकों को करीब 24,000 करोड़ रुपये की राशि लौटाए जाने का है। सेबी ने 26 मार्च को जारी अपने आदेश में इन्हें व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने के निर्देश दिए। इसी आदेश में सहारा की दो कंपनियों और उनके चार शीर्ष कार्यकारियों से बाजार नियामक को अपनी संपत्तियों और निवेश का ब्योरा देने के लिए कहा था। उधर, सेबी के मुताबिक, उसकी ओर से ये कदम समूह की कंपनियों द्वारा निवेशकों से वसूली गई 24,000 करोड़ रुपये की राशि वापस करने के लिए उठाए जा रहे हैं। वहीं, सहारा ने सेबी के इस रिफंड दावे को गलत बताया है। उल्लेखनीय है कि सेबी ने फरवरी में सुब्रत राय समेत तीनों डायरेक्टरों की संपत्तियां और बैंक खाते जब्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद नियामक ने उनसे इनके बारे में पूरा ब्योरा मांगा था। तीन अन्य डायरेक्टरों में अशोक रॉय चौधरी, रवि शंकर दुबे और वंदना भार्गव शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉर्प लिमिटेड [एसआइआरईसीएल] और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड [एसएचआइसीएल] को निवेशकों के पैसे लौटाने का आदेश दिया था। दोनों कंपनियों ने यह राशि बांड जारी कर निवेशकों से जुटाई थी। सेबी ने कहा है कि अगर सहारा प्रमुख और तीनों निदेशक तय तारीख को हाजिर नहीं हुए तो एकतरफा उनकी और कंपनियों की संपत्ति बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सहारा समूह की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है कि सुब्रत राय सेबी के सामने पेश होंगे या नहीं। खास बात यह है कि सुब्रत राय ने प्रतिभूति अपीलीय ट्रिब्यूनल [सैट] में सेबी के जब्ती आदेश को चुनौती दे रखी है। सैट इस अपील की सुनवाई 13 अप्रैल को करेगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट 22 अप्रैल से सहारा प्रमुख को गिरफ्तार करने व अदालती अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग करने वाली सेबी की याचिका पर सुनवाई शुरू करेगा। याचिका में सुब्रत राय के देश छोड़ने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।