16 February 2019



खेलकूद
पुणे वारियर्स ने चखा जीत का स्वाद, राजस्थान को पीटा
11-04-2013
विस्फोटक बल्लेबाज ऐरोन फिंच [64] के अपने पहले ही मैच में खेली गई लाजवाब पारी के दम पर पुणे वारियर्स ने हार के सिलसिले पर विराम लगाते हुए आईपीएल-छह के 13वें मुकाबले में अब तक की अजेय टीम राजस्थान रॉयल्स को आठ गेंद शेष रहते सात विकेट से हरा दिया है। पुणे की तीन मैचों में यह पहली जीत है।

सहारा सुब्रत राय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 145 रन बनाए। रॉयल्स की ओर से कप्तान राहुल द्रविड़ ने 48 गेंदों में 54 रन [8 चौका] बनाए। जवाब में पुणे ने 18.4 ओवर में ही तीन विकेट खोकर 148 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। विजयी टीम की ओर से फिंच ने सर्वाधिक 64 रनों [53 गेंद, 6 चौका व 3 छक्का] का योगदान दिया। गेंदबाजी में पुणे की ओर से राहुल शर्मा और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट झटके। वहीं राजस्थान की ओर से जेम्स फॉकनर ने दो विकेट अपने नाम किया। इससे पूर्व राजस्थान की टीम अपने दोनों मुकाबले जीत चुकी थी लेकिन आज के मैच में मिली हार के बावजूद वह तीसरे स्थान पर बनी हुई है। वहीं पुणे को अपने पहले दोनों मुकाबलों में हार का मुंह देखने के बाद आज पहली जीत नसीब हुई है।

रॉबिन उथप्पा और फिंच ने लक्ष्य का पीछा करने उतरी पुणे टीम की विस्फोटक शुरुआत देते हुए चार ओवर में ही 50 रनों का आंकड़ा पार करा दिया। अब तक अपनी बल्लेबाजी से निराश करने वाले उथप्पा ने आज गजब की बल्लेबाजी की और 16 गेंदों में तीन चौका व दो छक्के की मदद से 32 रन जोड़ लिया। लेकिन जेम्स फॉकनर ने पांचवें ओवर में उथप्पा को द्रविड़ के हाथों कैच आउट कराकर उनकी पारी का यहीं पर अंत करा दिया। इसके बाद फिंच ने रॉस टेलर के साथ पारी को आगे बढ़ाया। आक्रामक बल्लेबाज फिंच ने आतिशी बल्लेबाजी जारी रखी और 36 गेंदों में अपने पहले ही मैच में पचासा जमा दिया। फिंच के साथ पारी को आगे बढ़ाने वाले टेलर 17 रन बनाने के बाद हरमीत सिंह की गेंद पर सीमा रेखा के पास कैच आउट हो गए। फिंच उस समय बोल्ड हो गए जब टीम जीत से 14 रन दूर थी। फिंच को फॉकनर ने बोल्ड किया। युवराज सिंह 23 गेंदों में दो चौका व दो छक्का जमाकर अंत तक नाबाद रहे। युवराज ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर श्रीसंथ पर छक्का जमाकर अपनी टीम की पहली जीत पर मुहर लगाई।

इससे पूर्व टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला बेहद खराब साबित हुआ और पहली ही गेंद पर कुशल परेरा [0] भुवनेश्वर कुमार के हाथों पगबाधा हो गए। हालांकि इस शुरुआती झटके के बाद ओपनर अंजिक्य रहाणे और कप्तान राहुल द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 81 रनों की बेजोड़ साझेदारी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। राहुल शर्मा ने रहाणे को एंजेलो मैथ्यूज के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। रहाणे 27 गेंदों में 30 रन बनाकर आउट हुए। अच्छी साझेदारी के बाद स्टुअर्ट बिन्नी [1] भी सस्ते में पवेलियन लौट गए। इस बीच द्रविड़ ने अपना दूसरा पचासा पूरा किया लेकिन 54 रन बनाने के बाद वह युवराज सिंह की गेंद पर कैच आउट हो गए। दिशांत याज्ञनिक [12] को राहुल ने सुमन के हाथों कैच आउट कराकर एक और सफलता दिलाई। लेकिन अंतिम ओवरों में ब्राड हाज [नाबाद 22] और जेम्स फॉकनर [नाबाद 19] तेजी से खेलते हुए स्कोर डेढ़ के करीब तक पहुंचा दिया।