24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
बजट में कटौती का असर अमेरिकी सेना पर भी पड़ा
12-04-2013
बजट में व्यापक कटौती का असर अमेरिकी सेना पर भी पड़ा है पर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उत्तर कोरिया द्वारा हमला करने पर मुंहतोड़ जवाब देने की उसकी क्षमता में कोई कमी नहीं आई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा, \'अपने देश और सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए हम उत्तर कोरिया की किसी भी प्रकार की कार्रवाई से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।\' उन्होंने यह बात बुधवार को पेंटागन द्वारा वित्त वर्ष 2014 के लिए प्रस्तावित बजट की संक्षिप्त जानकारी देते समय कही। हेगल ने कहा कि सरकार द्वारा बजट में कटौती पिछले महीने प्रभावी हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2013 के रक्षा बजट में 41 अरब डॉलर की कमी की गई है। बजट में कटौती का असर प्रशिक्षण, रक्षा खर्च में कटौती समेत कई महत्वपूर्ण गतिविधियों पर पड़ सकता है। बजट के मामलों पर हेगल के प्रमुख सलाहकार रॉबर्ट हेल ने कहा कि बजट का प्रतिकूल प्रभाव सैन्य तैयारियों पर पड़ सकता है। मगर मैं अपने विरोधियों को बताना चाहूंगा कि भले ही हमारे साथ बजट की समस्या हो हम अमेरिका और अपने सहयोगियों की रक्षा करेंगे। ओवरसीज कांबैट ऑपरेशंस (ओसीओ) समेत अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की भागीदारी को इस साल बजट में कटौती का सामना करना पड़ेगा। पेंटागन के लिए बलों के आकार, संसाधन के लिए जिम्मेदार मार्क रैमसे ने कहा कि अमेरिकी सेना की हर शाखा को कटौती करनी पड़ेगी। सेना ने अफगानिस्तान में तैनात बलों को छोड़कर सभी रखरखाव और प्रशिक्षण कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वायुसेना ने 12 लड़ाकू स्क्वॉड्रन को खड़ा कर दिया है। 8 स्क्वॉड्रन इसी सप्ताह खड़े किए गए हैं। नौ सेना की तैनाती और गतिविधियों में भी कमी कर दी गई है। पेंटागन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 2012 से 2021 तक रक्षा बजट में 487 अरब डॉलर की कटौती की उम्मीद है। सैन्य खुफिया बजट 14.6 अरब डॉलर अमेरिकी रक्षा मंत्रलय पेंटागन ने कहा है कि वित्त वर्ष 2014 के लिए उसका सैन्य खुफिया बजट 14.6 अरब डॉलर का है। यह लगातार दूसरा साल है जब पेंटागन ने सैन्य खुफिया बजट की जानकारी दी है, लेकिन इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया है।  पेंटागन ने बताया कि वित्त वर्ष 2014 के लिए मिलिट्री इंटेलीजेंस प्रोग्राम (एमआइपी) ने कुल 14.6 अरब डॉलर के सैन्य बजट की अपील की थी। मंत्रलय ने कहा कि एमआइपी बजट या कार्यक्रम के अन्य आंकड़े जारी नहीं किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से यह गोपनीय रखे जाते हैं। पिछले साल एमआइपी और ओवरसीज कंटीजेंसी ऑपरेशन (ओसीओ) दोनों के लिए 21.5 अरब डॉलर की राशि आवंटित की गई थी। मदद से पाक में घटेगा आतंकवाद केरी अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी का कहना है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सहायता वहां कट्टरपंथ व आतंकवाद में कमी लाने में सहायक सिद्ध होगी। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अपने वार्षिक बजट में दक्षिण एशियाई देशों में आर्थिक और सैन्य सहायता के लिए 1.3 बिलियन डॉलर (करीब 70 अरब 64 करोड़ रुपये) की मांग रखी है। इसमें पाकिस्तान के लिए तय सहायता राशि राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा अपने वार्षिक बजट में प्रस्तावित 1.4 बिलियन डॉलर (करीब 76 अरब रुपये) से अलग है।  केरी ने बुधवार को संसद को लिखे अपने आठ पन्नों के पत्र में कहा है कि हमारी ओर से दी जाने वाली आर्थिक और सैन्य मदद पाकिस्तान में चरमपंथ और आतंकवाद को कम करने में कारगर सिद्ध होगी।