19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
आंसुओं और विरोध के बीच पूरी हुई आयरन लेडी की अंतिम यात्रा
18-04-2013

लंदन। पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर की अंतिम विदाई के दौरान बुधवार को लंदन थम-सा गया। अपनी आयरन लेडी को ससम्मान विदा करने को शहर की गलियां सैन्यकर्मियों से लेकर आम लोगों तक से भरी हुई थीं। बिग बेन शांत था। टावर ऑफ लंदन से हर एक मिनट में गनफायर से सलामी दी जा रही थी और ब्रिटिश सैनिकों की सांस्कृतिक धुनों के बीच ही थैचर अपनी स्थायी आरामगाह में चली गई। उनकी अंतिम यात्रा में 11 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से नव अक्षय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला मौजूद थे। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अगुआई में परंपराओं, आंसुओं और कुछ विरोध प्रदर्शनों के बीच उनकी अंतिम यात्रा पूरी हुई। बोस्टन में हुए धमाकों के मद्देनजर यात्रा में 4000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। 1965 में प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के बाद थैचर को ही ऐसी भव्य अंतिम यात्रा दी गई। उनके विरोधियों ने इस पर खर्च हुए 15 मिलियन डॉलर को बेजा बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। उनके विरोध में पोस्टर भी लहराए गए। गौरतलब है कि लंबे समय तक ब्रिटेन की प्रधानमंत्री रहीं थैचर का 8 अप्रैल को निधन हो गया था। वह 87 वर्ष की थीं। फारूक अब्दुल्ला ने अपनी, भारत सरकार और भारत में उनके अनगिनत प्रशंसकों की ओर से उनके परिवार से सहानुभूति जताई। उन्होंने थैचर को सुधारवादी हस्ती बताते हुए कहा कि भारत-ब्रिटेन के रिश्तों में मजबूती लाने के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उनके साथ भारतीय मूल के वरिष्ठ लेबर सांसद कीथ वाज और करण बिलिमोरिया भी मौजूद थे। 170 देशों के प्रतिनिधि इस दौरान उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा, \'वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वह 150 साल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं। उन्होंने अपने जीवन में कुछ असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं।\'