19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अगर जांच होती तो इस मामले में मुशर्रफ को होती फांसी!
18-04-2013

नई दिल्ली। जजों को नजरबंद करने के मामले में कोर्ट ने परवेज मुशर्रफ की जमानत याचिका खारिज कर दी। इतना ही नहीं उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया। आदेश सुनते ही मुशर्रफ भाग खड़े हुए। भारत पर कारगिल युद्ध थोपने वाले मुशर्रफ पर पाकिस्तान में भी खतरे बढ़ते ही जा रहे हैं।  रिटायर्ड कर्नल अशफाक हुसैन ने अपनी किताब में खुलासा किया था कि जनरल परवेज मुशर्रफ ने कारगिल युद्ध से पहले भारतीय सीमा के करीब ग्यारह किलोमीटर अंदर तक आ गए थे और वहां उन्होंने एक रात भी गुजरी थी। हुसैन ने अपनी इस किताब में परवेज मुशर्रफ द्वारा देश पर युद्ध लादने को भी अनुचित करार दिया था। उन्होंने कहा था कि पहले मुशर्रफ ने सीमा रेखा का उल्लंघन किया, फिर भारत से युद्ध किया और बाद में अपने ही फौजियों के शव पहचानने और लेने से मना कर दिया। हालांकि परवेज मुशर्रफ ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया था। इन सभी से बेपरवाह मुशर्रफ ने बड़ी बेशरमी से भारत पर पाकिस्तान के ऊपर युद्ध थोपने और सीमा उल्लंघन तक का आरोप लगाया था। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल जियाउद्दीन बट्ट का कहना था कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ एक युद्ध अपराधी हैं और अगर इस मामले की जांच हुई तो उन्हें फांसी की सजा से कोई नहीं बचा सकता है। चुनाव नहीं लड़ सकते हैं मुशर्रफ पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ आम चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। मंगलवार को ही मुशर्रफ का चारों सीटों से नामांकन रद्द हो गया। इससे पहले, इलेक्शन ट्रिब्यूनल ने कराची से नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ दायर परवेज मुशर्रफ की अपील नामंजूर कर दी थी। मुशर्रफ चार निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन कराची, कसूर, चितराल और इस्लामाबाद से उनके परचे खारिज हो गए।