19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
गॉड पार्टिकल का नाम बदलना चाहते हैं वैज्ञानिक
22-04-2013

लंदन। कहा जाता है कि \'नाम में क्या रखा है\', लेकिन जब बात गॉड पार्टिकल कहे जाने वाले \'हिग्स बोसोन\' की हो तो नाम बड़े मायने रखता है। गॉड पार्टिकल की खोज से जुड़े कुछ वैज्ञानिक इसका मौजूदा नाम बदलना चाहते हैं। गॉड पार्टिकल का हिग्स बोसोन नाम इसके खोजकर्ता पीटर हिग्स के नाम पर रखा गया था। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी खोज में अन्य शोधकर्ता भी शामिल थे और उन्हें भी इसका श्रेय दिया जाना चाहिए। वैज्ञानिकों का तर्क है कि एकांत पसंद पीटर हिग्स गॉड पार्टिकल की खोज करने वाले छह वैज्ञानिकों में से एक थे। 1964 में इसकी खोज की घोषणा की थी। हिग्स बोसोन के लिए अब कई नाम सुझाए गए हैं। एक प्रस्ताव इसे ब्राउट-एंग्लर्ट-हिग्स या बीईएच कहने का आया है। बेल्जियम के भौतिक विज्ञानी रॉबर्ट ब्राउट और फ्रैंकोइस एंग्लर्ट ने अपने शोधपत्र हिग्स से पहले लिखे थे। दूसरा नाम सुझाया गया है - बर्क [बीईएचजीएचके]। इसमें पहले तीन अक्षर लंदन के इंपीरियल कॉलेज के गेराल्ड गुरानिक, कार्ल हैगन और टॉम किबल के नाम को दर्शाते हैं। इन तीनों वैज्ञानिकों ने हिग्स के बाद अपने शोध पत्र लिखे थे। हैगन का कहना है कि गॉड पार्टिकल को हिग्स नहीं कहना चाहिए। यह लड़ाई हमारे अहम की नहीं, बल्कि भौतिकी में अपने स्थान की है। एंग्लर्ट भी कहते हैं कि हिग्स इसके लिए गलत नाम है, क्योंकि इसके ढांचे और प्रक्रिया का शोधपत्र सबसे पहले हमने लिखा था। पिछले माह यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च [सर्न] के एक सम्मेलन में भी गॉड पार्टिकल को बीईएच कहने का मुद्दा उठा था।