22 February 2019



राष्ट्रीय
चीन को भारत ने सुनाई खरी-खरी, कहा-हद में रहे तो अच्छा है
23-04-2013

जम्मू। लद्दाख में चीन की घुसपैठ से चिंतित जम्मू-कश्मीर सरकार ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है। इस बीच यहां उपजे हालात का जायजा लेने के लिए मंगलवार को थलसेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह राज्य के दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को जम्मू पहुंच गए। वहीं इस मामले में भारत ने संयम बरतते हुए चीन को अपनी हद में रहने को कहा है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मौजूदा विवाद पर भारत ने चीन को कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा का सम्मान करते हुए हद में रहे। विदेश मंत्रालय द्वारा की गई एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि मौजूदा विवाद से निपटने के लिए अतिरिक्त सेना की टुकड़ी भी लद्दाख के लिए रवाना कर दी गई है। वहीं घाटी पहुंचे जनरल बिक्रम जम्मू संभाग में एलओसी पर मौजूदा हालात का जायजा लेंगे। इसके अलावा वह आतंकरोधी रोमियो फोर्स व डेल्टाम फोर्स के मुख्यालय में भी संबधित सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) क्षेत्र में चीनी सेना के दस किलोमीटर अंदर आकर अस्थायी टेंट लगाने की घटना के बाद राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर पड़ोसी देश की मंशा व गतिविधियों पर चिंता जताई है और ठोस कदम उठाने को कहा है। गृह राज्यमंत्री सज्जाद किचलू ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि जम्मू-कश्मीर में घुसकर चीन की सेना द्वारा जोर जबरदस्ती कैंप स्थापित करना एक बहुत गंभीर मसला है। पहले भी ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं। इस चुनौती को गंभीरता से लेने की जरूरत है। हमने लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ के बारे में पिछले हफ्ते केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। अभी तक केंद्र की ओर से कोई जवाब नहीं आया है लद्दाख के पूर्व सांसद थुप्स्तन छीवांग ने कहा कि चीन लद्दाख में काफी समय से हस्तक्षेप करता आ रहा है। हमारी ओर से कोई उचित कार्रवाई न होने के कारण उसे शह मिली है। यह गंभीर मसला है, लिहाजा कार्रवाई भी गंभीर होनी चाहिए। घुसपैठ से लद्दाख के लोग भी चिंतित हैं।